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उत्तर प्रदेश: बरेली के मोहम्मदगंज गांव में सामूहिक नमाज को लेकर विवाद, 200 परिवारों ने घरों पर लिखा ‘मकान बिकाऊ’
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: विशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मद गंज गांव में सामूहिक नमाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पलायन की चेतावनी तक पहुंच गया है। गांव के लगभग 200 हिंदू परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है लिखकर प्रशासन के खिलाफ
विस्तार
उत्तर प्रदेश: विशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मद गंज गांव में सामूहिक नमाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पलायन की चेतावनी तक पहुंच गया है। गांव के लगभग 200 हिंदू परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है लिखकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जता दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर जुम्मे को घरों में सामूहिक नमाज अदा की जा रही है और शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। सोमवार को भी गांव में तनाव बना रहा और मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई मस्जिद नहीं है और पहले मुस्लिम समुदाय के लोग पड़ोसी गांव जाकर जुम्मे की नमाज पढ़ते थे। आरोप है कि अब हर शुक्रवार अलग-अलग घरों की छतों या कमरों में सामूहिक रूप से नमाज अदा की जा रही है। बीते जुम्मे को भी कथित तौर पर एक घर में नमाज पढ़ी गई, जिसका वीडियो बनाकर पुलिस को दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के बजाय उन्हें ही धमकाया।
मकान बिकाऊ है लिखकर जताया विरोध तनाव बढ़ने के बाद कई घरों के बाहर यह मकान बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा कर दिए गए। कुछ ग्रामीणों ने दरवाजों पर पेंट से भी लिख दिया। उनका कहना है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे गांव छोड़ने को मजबूर होंगे। एक ग्रामीण महिला ने आरोप लगाया कि रविवार रात गांव में फायरिंग भी हुई, जिससे दहशत का माहौल है। गौरतलब है कि 16 जनवरी 2026 को भी इसी गांव में घर के अंदर सामूहिक नमाज पढ़ने का मामला सामने आया था। उस समय पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लेकर चालान किया था, बाद में वे जमानत पर रिहा हो गए थे। तब लगा था कि मामला शांत हो गया, लेकिन करीब एक महीने बाद फिर वैसा ही घटनाक्रम सामने आने से विवाद दोबारा भड़क गया है। कानून और व्यवस्था पर उठे सवाल, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार ग्रामीणों का आरोप है कि सामूहिक नमाज के नाम पर कानून की अनदेखी हो रही है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती नहीं करेगा तो सामाजिक सौहार्द प्रभावित होगा। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि अगर घरों में सामूहिक नमाज बंद नहीं हुई तो वे पलायन पर मजबूर होंगे। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि क्या प्रशासन कोई ठोस समाधान निकाल पाएगा या मोहम्मद गंज से 200 परिवारों का पलायन हकीकत बन जाएगा।