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उत्तर प्रदेश: उच्च शिक्षा विभाग सत्र नियमितीकरण को लेकर सख्त, देरी पर रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक होंगे जिम्मेदार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 05/06/2026 04:14:59 pm Share:
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  • Published by.: Anand Kumar(UP) ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 05/06/2026 04:14:59 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में नए सत्र 2026- 27 में सत्र नियमितकरण पर जोर होगा. उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार शैक्षिक कैलेंडर में सत्र नियतिकरण को लेकर जिम्मेदारी तय की है. विभाग ने कहा है कि अगर स

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उत्तर प्रदेश: राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में नए सत्र 2026- 27 में सत्र नियमितकरण पर जोर होगा. उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार शैक्षिक कैलेंडर में सत्र नियतिकरण को लेकर जिम्मेदारी तय की है. विभाग ने कहा है कि अगर समय से प्रवेश कार्य नहीं होता है तो संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और समय से परीक्षा न होने पर परीक्षा नियंत्रक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी. विभाग ने कहा है कि इंटर के परिणाम 15 मई और पीजी के 15 जून तक आ जाते हैं. सभी प्रकार के प्रवेश 25 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएं. यदि सीयूईटी आदि के परीक्षाओं के परिणाम के कारण विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले पाते हैं तो ऐसे विद्यार्थियों के लिए सीटें खाली होने पर प्रवेश की अनुमति विश्वविद्यालय दे सकता है. ताकि शैक्षिक कैलेंडर न प्रभावित हो. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी के अनुसार, प्रवेश कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का उत्तरदायित्व कुलसचिव का है. किसी भी प्रकार की देरी के लिए कुलसचिव की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। 


इसी प्रकार उन्होंने कहा कि सेमेस्टर परीक्षाएं दो बार आयोजित की जाएंगी।  विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न परीक्षाओं के लिए महाविद्यालयों को केंद्र बनाया जाता है. इससे उसका शिक्षण कार्य प्रभावित होता है. इसलिए विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार की परीक्षा निर्धारित समय में ही आयोजित करें. निर्धारित समय से इतर परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी.परीक्षा नियंत्रक अन्य सभी प्रकार की परीक्षाओं के कार्यक्रम इस तरह बनाएंगे कि वह निर्धारित समय में पूरी हों. विशेष परिस्थिति के लिए शासन को पत्र भेजकर अनुमति लेनी होगी. निर्धारित समय के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षाएं चलने पर संबंधित विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी. संयुक्त सचिव ने यह भी कहा है कि सभी माइनर पेपर की परीक्षा एक-दो दिन में की जाए. माइनर पेपर- स्किल कोर्स के लिए स्वयं पर उपलब्ध कोर्स की सूची बना सकते हैं. साथ ही कोर्स न पूरा होने पर ऑनलाइन कक्षाएं लेकर कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा. उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालय शैक्षिक कैलेंडर के दृष्टिगत अपना वार्षिक गतिविधि कैलेंडर बनाकर अपनी वेबसाइट पर देंगे. इसके अनुसार साल भर होने वाली सभी को-करिकुलर व गैर शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा.ऐसे में छात्रों को इसके बारे में पहले से जानकारी होगी।