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उत्तर प्रदेश: राम-कृष्ण लीला सुन भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु, भागवत कथा में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 07/05/2026 05:18:21 pm Share:
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  • Published by.: Suraj Maurya ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 07/05/2026 05:18:21 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जिगना क्षेत्र के परमानपुर गांव स्थित गंगा तट पर चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जिगना क्षेत्र के परमानपुर गांव स्थित गंगा तट पर चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पं. विष्णुधर द्विवेदी ने भगवान राम और श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर हो गए। कथा के दौरान व्यास जी ने भगवान राम के प्राकट्य प्रसंग को समझाते हुए कहा कि खीर चावल, दूध, चीनी और अग्नि से बनती है, जो क्रमशः परिश्रम, विशुद्ध ज्ञान, प्रेम और तप का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रभु की प्राप्ति के लिए मनुष्य को इन चारों गुणों को अपने जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि न तो सूर्पनखा को राम मिले और न ही रावण को सीता प्राप्त हुई। 

राम कथा मनुष्य को मर्यादा में रहकर जीवन जीने की प्रेरणा देती है और रामचरितमानस भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। व्यास जी ने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्षों में रावण का वध किया, लेकिन रावण द्वारा फैलाई गई कुरीतियों को समाप्त करने में लंबा समय लगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक समाज के प्रत्येक व्यक्ति के मन में प्रेम का भाव उत्पन्न नहीं होगा, तब तक रामराज्य की स्थापना संभव नहीं है। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक भगवान कारागार में रहे, तब तक संसार में आनंद नहीं था, लेकिन जैसे ही वे गोकुल पहुंचे, पूरे वातावरण में आनंद की वर्षा होने लगी। कथा में यजमान रामनिवास पांडेय, जय देवी, कमलेश पांडेय सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।