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राजस्थान: आंगनवाड़ी केंद्र पर 11 बजे तक लटका रहा ताला, पोषाहार के इंतजार में लौटे बच्चे

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राजस्थान,अहमद खान  Published by: , राजस्थान,अहमद खान  Edited By: Namita Chauhan, Date: 07/05/2026 05:31:06 pm Share:
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संक्षेप

राजस्थान: राजस्थान के बाड़मेर जिले के सेड़वा उपखंड क्षेत्र के कुंदनपुरा गांव में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है।

विस्तार

राजस्थान: राजस्थान के बाड़मेर जिले के सेड़वा उपखंड क्षेत्र के कुंदनपुरा गांव में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार सुबह शामो की ढाणी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुला, जिससे छोटे बच्चों, महिलाओं और किशोरियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार सुबह से ही केंद्र से जुड़े बच्चे पोषाहार लेने के लिए आंगनवाड़ी पहुंचे थे, लेकिन सुबह 11 बजे तक भी केंद्र पर ताला लटका रहा। भीषण गर्मी के बीच छोटे-छोटे बच्चे पोषण आहार की उम्मीद में केंद्र के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन लंबे समय तक केंद्र नहीं खुलने पर उन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहने के कारण बच्चों को मिलने वाला पोषाहार, टीकाकरण संबंधी सेवाएं और महिलाओं व किशोरियों के लिए संचालित पोषण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया।

ग्रामीणों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब आंगनवाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुला हो। गांव के लोगों का आरोप है कि केंद्र की कार्यकर्ता की लापरवाही के चलते आए दिन ऐसी स्थिति बनती रहती है। कई बार इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।महिलाओं ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों और माताओं के पोषण व स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी है। केंद्र बंद रहने से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को मिलने वाली पोषण सामग्री और आवश्यक जानकारी भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही पोषण योजनाओं का लाभ तभी संभव है जब आंगनवाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा आंगनवाड़ी केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।