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NCRB Report: देश की राजधानी बनी अपराधग्रस्त राजधानी, अपराधों के मामले में हासिल किया पहला स्थान
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संक्षेप
दिल्ली: हर साल देश में अपराध कोई न कोई नया रिकॉर्ड बना देते है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो NCRB की हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक, देश के बड़े शहरों में दर्ज होने वाले अपराधों में सबसे ज्यादा मामले दिल्ली से सामने आए हैं।
विस्तार
दिल्ली: हर साल देश में अपराध कोई न कोई नया रिकॉर्ड बना देते है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो NCRB की हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक, देश के बड़े शहरों में दर्ज होने वाले अपराधों में सबसे ज्यादा मामले दिल्ली से सामने आए हैं। 20 लाख से अधिक आबादी वाले 19 महानगरों में कुल 5,93,096 मामले दर्ज किए गए, जिनमें अकेले दिल्ली की भागीदारी 46 प्रतिशत से अधिक रही। इसका मतलब है कि महानगरों में दर्ज लगभग हर दूसरा अपराध दिल्ली में हो रहा है। जानिए पूरी खबर। अपराधों के मामले में दिल्ली पहला स्थान पर रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में दिल्ली में कुल 2,75,402 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। यह संख्या 2023 की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत कम है, जब 3,23,549 मामले सामने आए थे। इससे पहले 2022 में 2,98,988 मामले दर्ज किए गए थे। यानी अपराध के मामलों में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली अब भी देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में अपराध के मामले में पहले स्थान पर बनी हुई है। अन्य शहरों की बात करें तो मुंबई दूसरे स्थान पर है, जहां 51,428 मामले दर्ज हुए। इसके बाद बेंगलुरु में 34,715, जयपुर में 27,743 और हैदराबाद में 27,031 मामले सामने आए। वहीं गाजियाबाद में 2024 के दौरान 8,963 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के मुकाबले करीब 2.9 प्रतिशत कम हैं। 2024 में अपराधों के मामले में आई कमी रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2024 में कुल अपराधों में कमी आई है, लेकिन साइबर क्राइम के मामलों में लगभग 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और सेक्सटॉर्शन जैसे मामले तेजी देखने को मिली है। इसके अलावा बुजुर्गों के खिलाफ अपराध में भी करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 13,396 मामले दर्ज किए गए, जबकि बच्चों के खिलाफ 7,662 मामले सामने आए। अपहरण के 5,580 मामले दर्ज हुए। हत्या के मामलों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। 2023 में 503 हत्या के मामले थे, जो 2024 में बढ़कर 504 हो गए। हत्या के अधिकतर मामले आपसी विवाद और निजी दुश्मनी के कारण हुए। 30 से 45 वर्ष आयु के लोग बने सबसे अधिक अपराध का शिकार रिपोर्ट के अनुसार, अपराध के सबसे ज्यादा शिकार 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग बने। इसके अलावा 18 वर्ष से कम उम्र के भी कई पीड़ित सामने आए, जबकि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग भी प्रभावित हुए हैं। NCRB ने यह भी साफ़ किया है कि दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। इस वजह से यहां अपराध के मामले ज्यादा दर्ज हो जाते हैं। जिन राज्यों में यह सुविधा नहीं है। वहां कई मामलों की रिपोर्टिंग नहीं हो पाती, जिससे आंकड़े तुलनात्मक रूप से कम दिखाई देते हैं। इसका मतलब अक्सर ये नहीं होता के उस राज्य में अपराध काम हुए है। कुल मिलाकर, भले ही अपराध के मामलों में कुछ गिरावट आई हो, लेकिन दिल्ली अब भी देश का सबसे ज्यादा अपराध दर्ज करने वाला केंद्र शासित प्रदेश बना है और साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। जिसका प्रसाशन को जल्द से जल्द समाधान निकलने की ज़रूरत है।
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