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उत्तर प्रदेश: प्रो. विकास शर्मा ने जेन-जी, शिक्षा व्यवस्था और AI पर जताई चिंता; ‘ऑल हर फेयर्स’ उपन्यास पर की चर्चा

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उत्तर प्रदेश  Published by: sapan jain , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 09/05/2026 05:55:27 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 09/05/2026 05:55:27 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: प्रसिद्ध उपन्यासकार व कवि प्रो. विकास शर्मा ने अपने व्याख्यान में कहा कि प्रत्येक पीढ़ी अपने से पहले पीढ़ी को कमतर समझती है। आज की जेन-जी पीढ़ी में अपार ऊर्जा है, लेकिन एक विषय पर केंद्रित नहीं है। उसके पास हर क्षण की सूचनाएं हैं पर गहराई नहीं है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: प्रसिद्ध उपन्यासकार व कवि प्रो. विकास शर्मा ने अपने व्याख्यान में कहा कि प्रत्येक पीढ़ी अपने से पहले पीढ़ी को कमतर समझती है। आज की जेन-जी पीढ़ी में अपार ऊर्जा है, लेकिन एक विषय पर केंद्रित नहीं है। उसके पास हर क्षण की सूचनाएं हैं पर गहराई नहीं है। प्रो. विकास स्थानीय मिहिर भोज पी.जी. कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। प्रो. विकास ने अपने नवीनतम उपन्यास ‘ऑल हर फेयर्स’ के विषय में बताया कि इस उपन्यास में महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में शिक्षा के गिरते स्तर, कुलपतियों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार, विश्वविद्यालयों में राजनीतिक हस्तक्षेप के अतिरिक्त राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विसंगतियों पर प्रकाश डाला। कृत्रिम बुद्धिमत्ता व चाइल्ड एब्यूज भी इस उपन्यास की विषयवस्तु है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की चेयरमैन मुख्य अतिथि प्रो. समीना खान ने कहा कि लेखक को सही बात लिखते समय संकोच व भय नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रो. विकास के उपन्यासों में आधुनिक शहरी महिलाओं का मनोविज्ञान प्रदर्शित किया गया है। श्री शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रो. विकास शर्मा आज के युवाओं के लिए एक आदर्श उपन्यासकार हैं। उनके उपन्यास आज के युवाओं में असीम ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. के.पी. सिंह ने कहा कि साहित्य समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा मशीनों में भी मानवीय भावनाएं एवं संवेदना आच्छादित करने की शक्ति रखता है। प्राचार्य प्रो. किशोर कुमार ने कहा कि लेखक के शब्दों की निष्पक्ष रूप से समीक्षा की जानी चाहिए। इस अवसर पर मंच संचालन का कार्य बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा नैन्सी द्वारा किया गया तथा छात्र-छात्राओं ने प्रो. विकास से उनके उपन्यास पर प्रश्न पूछे।