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उत्तर प्रदेश: एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत दो दिवसीय किसान गोष्ठी का शुभारंभ

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , Date: 11/03/2026 11:24:50 am Share:
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  • 11/03/2026 11:24:50 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में दो दिवसीय गोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती सरिता अग्रवाल अध्यक्ष नगरपालिका परिषद्, गाजीपुर द्वारा जनपद के अन्य विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉलों

विस्तार

उत्तर प्रदेश: एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में दो दिवसीय गोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती सरिता अग्रवाल अध्यक्ष नगरपालिका परिषद्, गाजीपुर द्वारा जनपद के अन्य विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए दीप प्रज्जवलन कर किया गया।  प्रथम दिवस के गोष्ठी/सेमिनार में जनपद के उप निदेशक कृषि विजय कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, आशीष कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र, पी0जी0 कालेज, के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 वी0के0 सिंह, वैज्ञानिक डा0 धर्मेन्द्र सिंह, वैज्ञानिक डा0 रागिनी दूबे, तथा कृषि विज्ञान केन्द्र आंकुशपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 रामगोपाल यादव, वैज्ञानिक डा0 शशांक सिंह, उपायुक्त उद्योग, लोकेन्द्र कुमार, एवं यू0पी0 डास्प प्रभारी  विरेन्द्र राय उपस्थित थे।  कृषि विज्ञान केन्द्र, पी0जी0 कालेज, गाजीपुर के वैज्ञानिक डा0 वी0के0 सिंह ने औद्यानिक फसलों, फलों, सब्जियों को उगाने तथा रख-रखाव के बारे में विस्तार से बताया गया। वैज्ञानिक विधि से शाकभाजी की खेती, ड्रेगन फ्रूट, जैविक सब्जी खेती उत्पादन तथा निर्यात करने के मापदंड सब्जी उत्पादन पर व्याख्यान दिया गया। 

उपस्थित कृषकों से फल एवं सब्जियों की खेती में तकनीकी अपनाकर लागत को कम एवं आय को अधिक करने के लिए कृषकों से आह्नवान किया।  डा0 शशंाक सिंह, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र, आंकुशपुर, गाजीपुर के द्वारा उपस्थित कृषकों के मध्य वैज्ञानिक विधि से मशरूम उत्पादन तथा मधुमक्खी पालन एवं उससे होने वाली आय के बारे में विस्तार से व्याख्यान दिया गया।  डा0 रामगोपाल यादव, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, आंकुशपुर, गाजीपुर द्वारा औद्यानिक फसलों में लगने वाले रोग एवं कीट पतंगों की रोकथाम के बारे में तथा आधुनिक तकनीकी से कृषकों को अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा जनपद के विभिन्न विकासखण्डों से आये हुए कृषकों का अभिवादन करते हुए अधिक से अधिक आधुनिक तकनीकी को अपनाकर खेती करने तथा पॉलीहाउस में उत्पादन करने वाले कृषकों को प्रोत्साहित किया गया,

 जिसमें जरबेरा, यूरोपियन खीरा तथा लाल, पीला व हरा शिमला मिर्च का उत्पादन करने वाले कृषकों की सराहना भी की गयी, साथ ही ग्राम-पकड़ी विकासखण्ड-रेवतीपुर के प्रगतिशील कृषक  अनूप राय के द्वारा लगाये गये पिंक ताईवान अमरूद की सराहना की गयी, जिसके एक फल का वजन लगभग 800 ग्राम था। अंत में मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजनान्तर्गत चयनित कृषकों को शाकभाजी बीज का वितरण तथा गोष्ठी में लगे तीन उत्कृष्ट स्टॉलों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र का वितरण किया गया। प्रथम पुरस्कार उपायुक्त स्वतः रोजगार, द्वितीय पुरस्कार बाल विकास परियोजना तथा तृतीय पुरस्कार महर्षि कर्णव, फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लि0, करण्डा द्वारा लगाये गये स्टॉल को प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन  मृत्युंजय सिंह द्वारा किया गया।