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मध्य प्रदेश: काली माता मंदिर खोयला में साप्ताहिक दरबार, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मांगी मन्नत

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 12/05/2026 02:26:32 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
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  • 12/05/2026 02:26:32 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: पोरसा मुरैना नगर के प्रसिद्ध काली माता मंदिर खोयला में प्रत्येक सप्ताह को भरता है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: पोरसा मुरैना नगर के प्रसिद्ध काली माता मंदिर खोयला में प्रत्येक सप्ताह को भरता है। भव्य दरबार, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में अर्जी लगाने पहुंचें आज एक सैकड़ा से अधिक श्रद्धालुओं ने मन्नत की अर्जी लगाई,, लोगों का विश्वास है कि माता के दरबार में की गई हर सच्ची मन्नत अवश्य पूरी होती है। दूर-दराज़ के गांवों व शहरों से भी भक्तगण माता के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मंदिर के सेवक मुकेश सिंह तोमर ने बताया कि यहां प्रत्येक सप्ताह में एक बार विशेष दरबार लगता है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु अपनी समस्याओं और मनोकामनाओं के साथ उपस्थित होते हैं। उनका कहना है कि माता रानी सभी भक्तों की झोली खुशियों से भरती हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। 

प्रवचन में दिया संस्कार और श्रद्धा का संदेश

इस अवसर पर भगत श्रीमती उषा तोमर ने अपने प्रवचन में कहा कि आदि शक्ति माता सभी का ध्यान रखती हैं और जो सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसके जीवन में कभी संकट नहीं आते। उन्होंने कहा कि वर्तमान कलयुग में लोग स्वार्थ और मोह में पड़कर अपने माता-पिता का सम्मान करना भूलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा करता है और आदि शक्ति माता की भक्ति करता है, उसके जीवन में कभी बड़ी बाधाएं नहीं आतीं। माता-पिता की सेवा ही सच्ची भक्ति है।” श्रीमती तोमर ने आगे कहा कि जो लोग माता-पिता, भगवान और आदि शक्ति माता को नहीं मानते, उन्हें जीवन में अनेक संकटों का सामना करना पड़ता है। दुखों से मुक्ति पाने का एकमात्र मार्ग ईश्वर भक्ति, माता की आराधना और माता-पिता की सेवा है।

भजन-कीर्तन से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर

प्रवचन के पश्चात उपस्थित भक्तों ने भजन एवं लांगुरिया गाकर माता रानी को प्रसन्न करने का प्रयास किया। पूरा मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर माता की आरती उतारी और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति के अनुसार, प्रत्येक सप्तह को यहां विशेष पूजा-अर्चना एवं दरबार का आयोजन किया जाता है, जिसमें क्षेत्रभर तथा  बाहर दूर दराज से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि माता के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना शत-प्रतिशत स्वीकार होती है। धार्मिक वातावरण और भक्ति भाव से सराबोर इस आयोजन ने एक बार फिर श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत किया। दरबार में भक्तों की हर प्रकार की मन्नत पूरी होती है। हर तरह की अला बला  से मुक्ति मिलती है निसंतान दंपत्ति भी अपनी झोली भर के जाते हैं।