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उत्तर प्रदेश:  उच्च प्राथमिक विद्यालय नजोर की व्यवस्थाओं पर आरटीआई से उठे सवाल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Arvind Kumar , उत्तर प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 12/05/2026 04:45:39 pm Share:
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  • Published by.: Arvind Kumar ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
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  • 12/05/2026 04:45:39 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: फिरोजाबाद जनपद के विकास खंड मदनपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय नजोर (कक्षा 1 से 8) एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: फिरोजाबाद जनपद के विकास खंड मदनपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय नजोर (कक्षा 1 से 8) एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। विद्यालय की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा विद्यालय से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करने के लिए लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि आवेदक ने संबंधित विभाग को सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन देकर विद्यालय में संचालित व्यवस्थाओं, प्रशासनिक कार्यों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की जानकारी मांगी है। आवेदन पत्र के साथ निर्धारित शुल्क के रूप में 10 रुपये का नोट भी संलग्न किया गया है, जो नियमानुसार सूचना मांगने के लिए जमा किया जाता है। आवेदन में विद्यालय से संबंधित प्रशासनिक निर्णय, कार्यप्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

वायरल तस्वीरों में विद्यालय परिसर का मुख्य द्वार भी दिखाई दे रहा है, जिस पर विद्यालय का नाम और प्रशासन द्वारा जारी निर्देश लिखे हुए हैं। विद्यालय के बाहर लगे सूचना बोर्ड में बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक तथा नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे स्पष्ट है कि विद्यालय प्रशासन सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्देशों का पालन कराने का प्रयास कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर इस प्रकार की सूचनाएं मांगना आवश्यक होता है। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं कुछ लोगों ने उम्मीद जताई है कि आवेदन के माध्यम से सामने आने वाली जानकारी से विद्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

हालांकि विद्यालय प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार संबंधित विभाग द्वारा आवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मांगी गई जानकारी में क्या तथ्य सामने आते हैं और इससे विद्यालय की कार्यप्रणाली में किस प्रकार का सुधार देखने को मिलता है।


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