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Narcotics Smuggling: वैश्विक सत्तर के ड्रग रैकेट का हुआ पर्दाफाश, भारत-नेपाल बॉर्डर से तीन नेपाली नागरिक गिरफ्तार 

- Photo by : social media

दिल्ली  Published by: Shubhi Shikha Nayal , दिल्ली  Edited By: Kunal, Date: 03/07/2026 05:54:15 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 03/07/2026 05:54:15 pm
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संक्षेप

दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक बार फिर पुलिस टीम को अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। इस मामले में स्पेशल टीम ने भारत-नेपाल बॉर्डर से तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है।

विस्तार

दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक बार फिर पुलिस टीम को अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। इस मामले में स्पेशल टीम ने भारत-नेपाल बॉर्डर से तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है। साउथ डिस्ट्रिक्ट के पुलिस स्पेशल टीम न बड़े ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया है। भारत और नेपाल सीमा से जुड़ा यह इंटरनेशनल ड्रग तस्करी नेटवर्क चलाया जा रहा था। इसका पर्दाफाश करते हुए तीन नेपाली नागरिकों समेत 9 करोड़ के 8 किलो 598 ग्राम हाई क्वालिटी का चरस बरामद किया गया है।

छापेमारी कर किया खुलासा: जानकारी के मुताबिक एसीपी रितु राज की देखरेख में स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर अनुज कुमार की टीम को एक सूचना मिली थी। सुचना मिलने के बाद कोटला मुबारकपुर में एक जगह पर छापा मारा गया, जहाँ भारी मात्रा में नशीला पदार्थ सहित तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया है। कोटला मुबारकपुर थाना में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

नशीले पदार्थ किए बरामद: बताया जा रहा हैं की गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ज्योति पुन मगर जो की मुख्य सप्लायर हैं, भरत थापा और गोविंद के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं। इनमें से पुलिस ने ज्योति पुन मगर से 5 किलो 566 ग्राम, भरत थापा से 1 किलो 552 ग्राम और गोविंद से 1 किलो 480 ग्राम चरस बरामद किया गया।

कैसे करते थे तस्करी: जांच में सामने आया की यह गैंग सोनौली बॉर्डर से चरस लाकर दिल्ली-एनसीआर में व्हाट्सएप के जरिए आर्डर लिए जाते थे और डिलीवरी के लिए ऑटो और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते थे। बताया जा रहा हैं की पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी हर ट्रांजैक्शन के बाद चैट डिलीट कर देते थे और माल की पेमेंट डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से लेते थे। डीसीपी अनंत मित्तल का कहना हैं की पुलिस अब इस पुरे मामले की गहन   जांच कर रही है। जिससे इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य नेटवर्क और नेपाल स्थित सप्लायर का पता लगाकर इसे पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।