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उत्तर प्रदेश: सरयू नहर के रेगुलेटर फाटक पर मछली पकड़ने का लगा आरोप, किसानों ने उठाई कार्रवाई की मांग

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 22/09/2026 01:34:23 pm Share:
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  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 22/09/2026 01:34:23 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सेमरियावां सरयू नहर खंड शाखा खलीलाबाद में छपिया माफी गांव स्थित रेगुलेटर फाटक पर मछली पकड़ने को लेकर किसानों में नाराजगी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सेमरियावां सरयू नहर खंड शाखा खलीलाबाद में छपिया माफी गांव स्थित रेगुलेटर फाटक पर मछली पकड़ने को लेकर किसानों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मछली पकड़ने के लिए फाटक के पास जाल लगाया जाता है और पानी के बहाव से छेड़छाड़ की जाती है। इससे नहर में आगे पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है और धान की फसल की सिंचाई को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, छपिया माफी स्थित रेगुलेटर फाटक से नहर में पानी का बहाव नियंत्रित किया जाता है। आरोप है कि मछुआरे यहां जाल लगाकर मछली पकड़ते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार पानी के बहाव को कम-ज्यादा करते हैं। किसानों का कहना है कि पूरे सीजन इस तरह की गतिविधियां चलती रहती हैं, जबकि नहर का पानी फसलों की सिंचाई के लिए जरूरी है।

सरयू नहर शाखा खलीलाबाद से देवरिया विजई, भैंसवरिया, मीरपुर, उसरा शहीद, चोरहा, बढ़या माफी, छपिया माफी, चिउटना और पचपेड़वा समेत कई गांव जुड़े हैं। इन क्षेत्रों के किसान धान और अन्य फसलों की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं। किसानों के मुताबिक इस समय धान की फसल को पानी की जरूरत है, ऐसे में नहर का बहाव प्रभावित होने से फसल पर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि मामले की शिकायत नहर विभाग के जेई और सुपरवाइजर से भी की जा चुकी है, लेकिन गतिविधि पूरी तरह बंद नहीं हुई। शोएब अहमद, तनवीर अहमद, अनिल कुमार और फैयाज अहमद समेत ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी जाएगी। वहीं, सरयू नहर शाखा खलीलाबाद के सुपरवाइजर मो. रईस ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर जाल हटवाया जाता है। ऑपरेटर को निगरानी के लिए लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जाल डालने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी और किसानों की फसल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।