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उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना का हुआ शुभारंभ, शिक्षकों और छात्रों को मिली बड़ी सौगात
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं शिक्षण कार्मिकों को योजना के प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं शिक्षण कार्मिकों को योजना के प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण संतकबीरनगर के संत कबीर ऑडिटोरियम, मगहर में आयोजित समारोह में भी देखा और सुना गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर एवं स्टेशनरी के लिए डीबीटी के माध्यम से प्रति छात्र-छात्रा ₹1200 की धनराशि जारी की। साथ ही 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कार्मिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू का हस्तांतरण किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।
मगहर स्थित संत कबीर ऑडिटोरियम में आयोजित जनपदीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों, संविदा शिक्षकों एवं रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में बैजनाथ रावत ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और प्रदेश सरकार ने उनके स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह ऐतिहासिक योजना लागू की है। उन्होंने इसे शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, एमएलसी प्रतिनिधि अमरीश राय उर्फ मंटू राय, जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइये एवं बड़ी संख्या में शिक्षण कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद आयोग अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने निरीक्षण गृह में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना, विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि वितरण तथा शिक्षकों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकार की विभिन्न पहल पर विस्तार से जानकारी दी।
