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उत्तर प्रदेश: तकनीकी खराबी और खाद की किल्लत से किसान हुआ बेहाल, पीओएस मशीनों ने बढ़ाई परेशानी
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनपद के मीरगंज क्षेत्र में किसानों को इन दिनों दोहरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर सहकारी समितियों और इफको किसान सेवा केंद्रों पर खाद की कमी बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पीओएस पॉइंट ऑफ सेल मशीनों में तकनीकी खराबी के कारण सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनपद के मीरगंज क्षेत्र में किसानों को इन दिनों दोहरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर सहकारी समितियों और इफको किसान सेवा केंद्रों पर खाद की कमी बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पीओएस पॉइंट ऑफ सेल मशीनों में तकनीकी खराबी के कारण सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसके चलते घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुवाई और फसल चक्र के महत्वपूर्ण दौर में किसानों के लिए समय पर उर्वरक उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। ऐसे समय में खाद की कमी और तकनीकी बाधाओं ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। किसान सुबह से ही केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, लेकिन कई बार सत्यापन न होने या खाद का स्टॉक समाप्त होने की जानकारी देकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। इफको किसान सेवा केंद्र के प्रभारी अंजुम शाहिद ने बताया कि पीओएस मशीनों में सर्वर और तकनीकी समस्याएं लगातार आ रही हैं। मशीनों के माध्यम से किसानों का सत्यापन पूरा नहीं हो पा रहा है, जबकि सत्यापन के बिना खाद का वितरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि तकनीकी दिक्कतों को दूर कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण काम प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से खाद के लिए लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाद उपलब्ध नहीं है या मशीन खराब है" जैसे जवाब मिल रहे हैं। किसान भूकनलाल, रामप्रकाश और अन्य किसानों ने बताया कि फसलों में खाद डालने का यही सबसे उपयुक्त समय है। यदि समय पर यूरिया और अन्य उर्वरक नहीं मिले तो फसलों की बढ़वार प्रभावित होगी और उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।केंद्रों पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था के कारण किसानों में रोष भी देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि खेती पूरी तरह समय पर निर्भर करती है और कुछ दिनों की देरी भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पीओएस मशीनों की तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उनकी मेहनत, लागत और फसल तीनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश: तकनीकी खराबी और खाद की किल्लत से किसान हुआ बेहाल, पीओएस मशीनों ने बढ़ाई परेशानी
