Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: शराब ठेका बना बवाल की जड़, सांसद ने हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग
 

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Amar Deep , उत्तर प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 12/05/2026 11:42:33 am Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Amar Deep ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
  • Date:
  • 12/05/2026 11:42:33 am
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सांसद बोले बबाल की जड़ शराब ठेका, परिजन दूध लेने भेजते लोग शराब पी लेते, नकाबपोशों को चिन्हित कर कड़ी कार्यवाही करे पुलिस, निर्दोष परेशान न किए जाए।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सांसद बोले बबाल की जड़ शराब ठेका, परिजन दूध लेने भेजते लोग शराब पी लेते, नकाबपोशों को चिन्हित कर कड़ी कार्यवाही करे पुलिस, निर्दोष परेशान न किए जाए। राजेपुर क्षेत्र के चाचूपुर जटपुरा गांव में हुए बवाल के तीसरे दिन सोमवार शाम को सांसद मुकेश राजपूत और अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य गांव पहुंचे। उन्होंने एसडीएम अमृतपुर रविंद्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक के गिरीश कुमार सिंह और सीओ अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय से वार्ता की। सांसद ने देसी शराब ठेके को विवाद की जड़ बताया और उसे दूर हटवाने के निर्देश दिए और नकाबपोशों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की साथ ही किसी निर्दोष पर कार्यवाही नहीं हो यह भी सुनिश्चित करने को कहा। यह घटना शनिवार शाम को हुई थी, जब गांव में देसी शराब ठेके के पास नाले के किनारे एक युवक का शव मिला था। इसके बाद हुए बवाल में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सांसद मुकेश राजपूत ने बताया कि मृतक बृजेश शराब के नशे में पुलिया से नीचे गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी पसली टूटने और रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है।

नकाबपोशों द्वारा पथराव किए जाने के सवाल पर सांसद ने कहा कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए उन्होंने कहा कि गांव के लोग और पुलिस भी ऐसे लोगों को जानती है। सांसद ने कोटेदार, प्रधान और पूर्व प्रधान सहित तीन लोगों से बातचीत कर उन्हें चिन्हित करने को कहा, ताकि पुलिस उन पर कार्रवाई कर सके। शराब ठेके को गांव से दूर ले जाने की मांग पर सांसद ने कहा कि यह विवाद की मुख्य जड़ है। उन्होंने बताया कि गांव की महिलाएं ठेके से परेशान हैं, क्योंकि घर से दूध के लिए भेजे गए पैसे से बच्चे शराब पी लेते हैं। महिलाओं ने पहले भी ठेका हटाने के लिए आंदोलन किया था। सांसद ने एसडीएम से कहा कि प्रधान लिखित में अनुरोध करें और ठेके को गांव से कम से कम 300 से 400 मीटर दूर स्थानांतरित किया जाए।