-
☰
No image found.
मध्य प्रदेश: गुरु पूर्णिमा पर बीके रेखा बहन ने संतों और पुजारियों का किया सम्मान, गुरु परंपरा के महत्व का दिया संदेश
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: पोरसा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर पोरसा की संचालिका बीके रेखा बहन के नेतृत्व में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों एवं पुजारियों का सम्मान कर भारतीय गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया गया।
विस्तार
मध्य प्रदेश: पोरसा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर पोरसा की संचालिका बीके रेखा बहन के नेतृत्व में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों एवं पुजारियों का सम्मान कर भारतीय गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया गया। इस अवसर पर बीके रेखा बहन ने कहा कि संत, महंत, महामंडलेश्वर, पुजारी और गुरुजन अपनी साधना, सेवा और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से भक्तों को भगवान से जोड़ने का कार्य करते हैं। इसलिए समाज में उनका सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और आध्यात्मिक कर्तव्य है। बीके रेखा बहन ने अपने आश्रम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की पहली गुरु उसकी माँ होती है, जो जन्म से ही पालन-पोषण के साथ श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करती है। इसके बाद शिक्षक जीवन का दूसरा गुरु होता है, जो शिक्षा और ज्ञान देकर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है। वहीं तीसरे गुरु संत, महंत, महामंडलेश्वर महंत एवं मंदिरों के पुजारी होते हैं, जो धर्म, आध्यात्मिकता और ईश्वर भक्ति का मार्ग दिखाकर मनुष्य को परमात्मा से जोड़ते हैं। इन तीनों गुरु स्वरूपों का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का धर्म है। देर शाम के समय बीके रेखा बहन ने नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर संत-महात्माओं एवं पुजारियों का सम्मान किया। उन्होंने गिरिराज जी मंदिर में महंत राम किशोर दास शास्त्री का सम्मान किया। इसके बाद राम-जानकी छोटी जग्गा मंदिर में महामंडलेश्वर महंत नारायण दास महाराज का सम्मान किया गया। नागाजी मंदिर में पुजारी संजू दास महाराज एवं व्यवस्थापक सुरेश शुक्ला का सम्मान किया गया। वहीं केला देवी मंदिर में पुजारी रामदास श्रोत्रिय महाराज का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त बीके रेखा बहन ने राजोधा, सुमावली, जोटई सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर वहां के पुजारियों एवं धर्मसेवियों का भी सम्मान किया। सभी स्थानों पर मंदिरों के पुजारियों एवं संतों ने भी बीके रेखा बहन का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पमालाओं से सम्मान कर उनके आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना की। इस सम्मान समारोह में रामकुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी संस्थान के भाई-बहन, श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। सभी ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव, आध्यात्मिक जागरूकता एवं संस्कारों के प्रसार का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि परमात्मा स्वयं हमारे पिता, शिक्षक और सतगुरु हैं। गुरु पूर्णिमा केवल सम्मान का पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संस्कार और आध्यात्मिक संकल्प का भी अवसर है। इस पावन दिवस पर सभी को यह प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि हम आपसी प्रेम, सहयोग, सद्भाव और समर्पण की भावना के साथ जीवन व्यतीत करेंगे तथा माता-पिता, गुरुजनों और शिक्षकों द्वारा दिए गए आदर्शों एवं शिक्षाओं का पालन करते हुए समाज में उनका प्रचार-प्रसार करेंगे, जिससे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शांति, सुख, प्रेम और भाईचारे का वातावरण स्थापित हो सके। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पोरसा के मुख्य सेवा केंद्र से बीके रेखा बहन को राजोधा, जोटई, सुमावली सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित गुरु पूर्णिमा समारोहों में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। विभिन्न स्थानों पर उनका पुष्पमालाओं एवं स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रमों में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठाया तथा गुरु परंपरा के महत्व को समझा।
उत्तर प्रदेश: कांवड़ यात्रा को लेकर अलर्ट, एएसपी ने पूरे मार्ग का निरीक्षण कर दिए सुरक्षा के निर्देश
उत्तर प्रदेश: संत रविदास नगर नाम बहाल होने पर भाजपा नेता ने सीएम योगी का जताया आभार
उत्तर प्रदेश: ₹692 करोड़ की 268 विकास परियोजनाओं की दी सौगात, सीएम योगी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास
उत्तर प्रदेश: देश का अनोखा सूर्य मंदिर, छठ पर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का बना केंद्र
