Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: लाखों की लागत से बना खेल मैदान झाड़ियों में तब्दील, ग्रामीणों ने विकास कार्यों पर उठाए सवाल

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 30/07/2026 03:43:13 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Irshad ahmad ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 30/07/2026 03:43:13 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बेलहर कला विकास खंड के ग्राम पंचायत देवलसा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित खेल मैदान आज बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। युवाओं और बच्चों को खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस मैदान में चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं, जिससे यह खेल गतिविधियों के बजाय उपेक्षा और लापरवाही का प्रतीक बनकर रह गया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बेलहर कला विकास खंड के ग्राम पंचायत देवलसा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित खेल मैदान आज बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। युवाओं और बच्चों को खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस मैदान में चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं, जिससे यह खेल गतिविधियों के बजाय उपेक्षा और लापरवाही का प्रतीक बनकर रह गया है। मैदान की मौजूदा स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से इसकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खेल मैदान के निर्माण के समय गांव में काफी उत्साह था। लोगों को उम्मीद थी कि इससे स्थानीय युवाओं को खेलकूद का बेहतर वातावरण मिलेगा और गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। लेकिन समय के साथ मैदान के रखरखाव की अनदेखी की गई, जिसके कारण पूरा परिसर झाड़ियों और घास से भर गया। वर्तमान स्थिति ऐसी है कि मैदान में खेलना तो दूर, वहां जाना भी मुश्किल हो गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी खेल मैदान के रखरखाव को लेकर पूरी तरह उदासीन रहे। यदि समय-समय पर सफाई, देखरेख और आवश्यक मरम्मत कराई जाती तो मैदान आज इस बदहाल स्थिति में नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण योजनाओं का अपेक्षित लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने खेल मैदान के निर्माण में खर्च हुई धनराशि और उसके बाद रखरखाव पर हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण के बाद नियमित निगरानी होती और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता, तो आज यह मैदान युवाओं के लिए उपयोगी बना रहता। अब मैदान की स्थिति देखकर लोगों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खेल मैदान की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए, झाड़ियों की तत्काल सफाई कराकर मैदान को दोबारा खेल योग्य बनाया जाए तथा यदि निर्माण या रखरखाव में किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि खेल मैदान का उद्देश्य तभी सफल होगा जब बच्चे और युवा यहां नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग ले सकें। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द संज्ञान लेकर मैदान का जीर्णोद्धार कराएगा, ताकि यह एक बार फिर गांव के बच्चों और युवाओं के लिए खेल, स्वास्थ्य और प्रतिभा विकास का केंद्र बन सके।

Related News

उत्तर प्रदेश: कांवड़ यात्रा को लेकर अलर्ट, एएसपी ने पूरे मार्ग का निरीक्षण कर दिए सुरक्षा के निर्देश

उत्तर प्रदेश: संत रविदास नगर नाम बहाल होने पर भाजपा नेता ने सीएम योगी का जताया आभार

उत्तर प्रदेश: ₹692 करोड़ की 268 विकास परियोजनाओं की दी सौगात, सीएम योगी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास

उत्तर प्रदेश: देश का अनोखा सूर्य मंदिर, छठ पर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का बना केंद्र 

Abhijit Deepke's Allegations: भाजपा ने अभिजीत दीपके के आरोपों को किया खारिज, कहा सबूत हैं तो सार्वजनिक करें

उत्तर प्रदेश: कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्य सचिव और डीजीपी की हुई समीक्षा बैठक, जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य पर दिया जोर


Featured News