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मध्य प्रदेश: गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर 28 अक्टूबर को गाडरवारा में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर गाडरवारा मंडी में 28 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय सम्मेलन; राष्ट्रीय महासचिव पुष्पेंद्र त्यागी होंगे मुख्य वक्ता गन्ना उत्पादक किसानों की समस्याओं के स्थायी निराकरण और आंदोलन
विस्तार
मध्य प्रदेश: गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर गाडरवारा मंडी में 28 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय सम्मेलन; राष्ट्रीय महासचिव पुष्पेंद्र त्यागी होंगे मुख्य वक्ता गन्ना उत्पादक किसानों की समस्याओं के स्थायी निराकरण और आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश गन्ना उत्पादक किसान महासभा द्वारा आगामी 28 अक्टूबर 2026, बुधवार को दोपहर 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक स्थानीय जवाहर कृषि उपज मंडी, गाडरवारा के परिसर में एक विशाल प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में गन्ना उत्पादक किसान महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव श्री पुष्पेंद्र त्यागी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और किसानों को संबोधित करेंगे। नरसिंहपुर जिले को मध्य प्रदेश का "शुगर बाउल" कहा जाता है, जहाँ प्रदेश का सर्वाधिक लगभग 65 प्रतिशत गन्ना उत्पादित होता है। इसके बावजूद स्थानीय शुगर मिलों की मनमर्जी और उचित मूल्य न मिलने से क्षेत्र के किसान लंबे समय से परेशान हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में होने वाले इस प्रदेश स्तरीय मंच पर पूरे राज्य के किसान नेता और प्रतिनिधि जुटेंगे। सम्मेलन के मुख्य एजेंडे और मांगें किसान महासभा के पदाधिकारियों के अनुसार, मुख्य वक्ता श्री पुष्पेंद्र त्यागी की उपस्थिति में गन्ने की खेती और उसके विपणन से जुड़े निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं और मांगों पर सर्वसम्मति से चर्चा कर रणनीति बनाई जाएगी सहकारी शुगर मिल की स्थापना: जिले में सरकारी या सहकारी स्तर पर एक बड़ी शुगर मिल अनिवार्य रूप से खोली जाए ताकि निजी मिलों के एकाधिकार को समाप्त किया जा सके। मनमाने रेट पर रोक: निजी शुगर मिलों द्वारा तय किए जाने वाले गन्ने के मनमर्जी दामों और कटौती पर रोक लगाई जाए तथा शासन स्तर पर लाभकारी मूल्य (FRP) सुनिश्चित हो। भुगतान में पारदर्शिता: किसानों को गन्ने की तुलाई के बाद समय पर पारदर्शी भुगतान (जैसे 8 से 14 दिनों के भीतर) सुनिश्चित कराने की नीति बने गन्ना विकास निधि: स्थानीय स्तर पर गन्ना अनुसंधान और रोग-प्रतिरोधी उन्नत किस्मों की उपलब्धता के लिए शासन से ठोस कदमों की मांग की जाएगी। चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा संभव:
किसान नेताओं का कहना है कि प्रशासन और मिल प्रबंधन द्वारा लगातार किसानों की उपेक्षा की जा रही है। इस सम्मेलन के माध्यम से पूरे नरसिंहपुर जिले, गाडरवारा क्षेत्र और प्रदेश के अन्य हिस्सों के गन्ना उत्पादकों को एकजुट किया जाएगा। राष्ट्रीय महासचिव श्री त्यागी के मार्गदर्शन में, यदि मिलों और सरकार द्वारा इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो महासभा इस मंच से एक बड़े और चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद कर सकती है। महासभा ने गाडरवारा सहित आस-पास के सभी गन्ना उत्पादक किसान भाइयों से अपील की है कि वे 28 अक्टूबर को ठीक 11:00 बजे जवाहर कृषि उपज मंडी पहुँचकर अपनी आवाज़ बुलंद करें और सम्मेलन को सफल बनाएं।
