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उत्तर प्रदेश: 400 मीटर सड़क पर गड्ढों का जाल, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 05/11/2026 05:30:22 pm Share:
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  • Published by.: Irshad ahmad ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 05/11/2026 05:30:22 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: विकास खंड सेमरियावां के सेमरियावां गांव में बीएमसीटी मार्ग से सैम पब्लिक स्कूल होते हुए गांव तक जाने वाली करीब 400 मीटर सड़क बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से लोगों का आवागमन

विस्तार

उत्तर प्रदेश: विकास खंड सेमरियावां के सेमरियावां गांव में बीएमसीटी मार्ग से सैम पब्लिक स्कूल होते हुए गांव तक जाने वाली करीब 400 मीटर सड़क बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। इस मार्ग से रोजाना स्कूली बच्चों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आना-जाना होता है। खराब सड़क के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। दोपहिया और अन्य वाहनों से गुजरने वाले लोगों को भी गड्ढों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

 दो साल में ही उखड़ने लगी थी इंटरलॉकिंग  बताया जाता है कि वर्ष 2016 में जिला पंचायत की ओर से इस मार्ग पर इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के महज दो साल बाद ही सड़क जर्जर होने लगी थी। इसके बाद लंबे समय तक मरम्मत और पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। धीरे-धीरे सड़क की हालत बिगड़ती गई और अब जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। स्कूली बच्चों को रोजाना उठानी पड़ रही परेशानी बीएमसीटी मार्ग से सैम पब्लिक स्कूल होते हुए गांव तक जाने वाली इस सड़क का इस्तेमाल छात्र-छात्राओं के साथ स्थानीय ग्रामीण भी करते हैं। सड़क खराब होने से बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं, ग्रामीणों को भी रोजमर्रा के कामों के लिए इस मार्ग से गुजरना पड़ता है।

 ग्रामीणों ने उठाई पुनर्निर्माण की मांग  ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कराकर उसका पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि करीब 400 मीटर लंबे इस मार्ग की मरम्मत या पुनर्निर्माण होने से स्कूली बच्चों और गांव के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।