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उत्तर प्रदेश: अब साल में 4 सिलेंडरों तक ही अतिरिक्त सब्सिडी, बढ़ती LPG कीमतों का दिखा असर
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी (LPG) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी (LPG) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाभार्थियों को मिलने वाले अतिरिक्त सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने का फैसला लिया है। अब उज्ज्वला योजना के पात्र उपभोक्ताओं को वर्ष में केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेजी आने से घरेलू गैस की वास्तविक लागत और उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले बिक्री मूल्य के बीच का अंतर काफी बढ़ गया है। इस कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बढ़ती लागत के बीच सब्सिडी व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना भी आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में संशोधन किया गया है। इस निर्णय का प्रभाव देशभर के करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थी परिवारों पर पड़ सकता है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों पर जो रसोई गैस के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली प्रति सिलेंडर सब्सिडी जारी रहेगी, लेकिन उसका लाभ अब सीमित संख्या में ही उपलब्ध होगा। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में और वृद्धि होती है, तो भविष्य में घरेलू ईंधन कीमतों पर भी अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं विपक्षी दलों ने इस फैसले को गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला कदम बताया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और बाजार की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर आगे भी नीतिगत निर्णय लिए जा सकते हैं।
