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उत्तर प्रदेश: AIMM ने दागी जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग, चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: दागी जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आगामी चुनावों में आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों पर रोक लगाए चुनाव आयोग -AIMM मुख्तार अहमद ने जिलाधिकारी बरेली द्वारा मान्नीय मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचन आयोग को भेजा ज्ञापन ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति के अपराधीकरण पर चिंता
विस्तार
उत्तर प्रदेश: दागी जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आगामी चुनावों में आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों पर रोक लगाए चुनाव आयोग -AIMM मुख्तार अहमद ने जिलाधिकारी बरेली द्वारा मान्नीय मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचन आयोग को भेजा ज्ञापन ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने राजनीति के अपराधीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आपराधिक मामलों वाले निर्वाचित विधायकों के संबंध में कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश एवं निर्वाचन आयोग को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को चुनावी राजनीति से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। मुख्तार अहमद ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व होता है। जनता अपने प्रतिनिधि इस उम्मीद से चुनती है कि वे कानून का सम्मान करेंगे और समाज के विकास के लिए काम करेंगे। लेकिन जब गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी लोग जनप्रतिनिधि बनते हैं तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे विधायक निर्वाचित हुए थे, जिनके चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों का उल्लेख था। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई होना आवश्यक है। राजनीति को अपराध मुक्त करना समय की जरूरत - मुख्तार अहमद मुख्तार अहमद ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि पार्टी की मांग है कि राजनीति में स्वच्छ छवि और ईमानदार लोगों को आगे आने का अवसर मिले। उन्होंने कहा, लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब कानून बनाने वाले लोग स्वयं कानून का सम्मान करने वाले हों। 10 से अधिक गंभीर अपराधों जैसे, हत्या, राजकीय घोटाला, में आरोपित लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए देश में प्रभावी व्यवस्था बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने से बचना चाहिए जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि जनता के सामने है। AIMM की प्रमुख मांगें ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है किकृ वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में निर्वाचित आपराधिक मामलों वाले विधायकों की स्थिति सार्वजनिक की जाए। गंभीर आपराधिक मामलों में आरोप तय हो चुके जनप्रतिनिधियों के मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में जल्द पूरी कराई जाए।
आगामी विधानसभा एवं अन्य चुनावों में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए। मतदाताओं को प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए। चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। मुख्तार अहमद ने कहा कि जनता को ऐसे प्रतिनिधियों का अधिकार है जो ईमानदार, जिम्मेदार और समाज सेवा के प्रति समर्पित हों। राजनीति में अपराधीकरण को समाप्त करना सभी राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग की संयुक्त जिम्मेदारी है।
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