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उत्तर प्रदेश: डिप्टी सीएम के दौरे से पहले छात्र प्रतिनिधियों को हाउस अरेस्ट करने का लगा आरोप, स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ज्ञापन देने जा रहे थे
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गाज़ीपुर के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के गाज़ीपुर दौरे से पहले छात्र प्रतिनिधियों को उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गाज़ीपुर के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के गाज़ीपुर दौरे से पहले छात्र प्रतिनिधियों को उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र प्रतिनिधियों का आरोप है कि वे महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर डिप्टी सीएम को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुबह ही उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। पीजी कॉलेज, गाज़ीपुर के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय के आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया। छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक, दीपक उपाध्याय के साथ प्रद्युम्न सिंह यादव राजन, आकाश चौधरी और सतीश चौधरी को भी घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। दीपक उपाध्याय ने कहा कि गाज़ीपुर की जनता को केवल रेफरल सेंटर नहीं, बल्कि ऐसा मेडिकल कॉलेज चाहिए जहां मरीजों को बेहतर और संपूर्ण इलाज मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन देने से रोककर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव राजन ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं हर नागरिक के लिए जरूरी हैं। उनका आरोप है कि जिले के मुख्य अस्पताल में दवाओं, अल्ट्रासाउंड और इमरजेंसी सुविधाओं को लेकर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं आकाश चौधरी और सतीश चौधरी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन देना उनका अधिकार है। छात्र प्रतिनिधियों की ओर से दिए जाने वाले प्रस्तावित 12 सूत्रीय मांग पत्र में गोरा बाजार स्थित ट्रॉमा सेंटर का 24 घंटे संचालन, इमरजेंसी में वरिष्ठ डॉक्टरों की उपलब्धता, सुपर-स्पेशलिटी ओपीडी को सातों दिन संचालित करने, स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, महिला अस्पताल में पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड की सुविधा तथा सीटी स्कैन, MRI और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों को 24 घंटे उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, ऑपरेशन थिएटर का सातों दिन संचालन, डायलिसिस बेड बढ़ाकर 50 करने, ALS एंबुलेंस और शव वाहनों की संख्या बढ़ाने, पार्किंग व सुरक्षा व्यवस्था तथा पेयजल, स्वच्छता और तीमारदारों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।
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