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उत्तर प्रदेश: दोपहर तक बंद मिली डिजिटल लाइब्रेरी, ग्रामीण युवाओं को सुविधा मिलने पर उठे सवाल
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को गांव में ही बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। शासन की मंशा है कि ग्रामीण विद्यार्थी इन पुस्तकालयों का लाभ उठाकर अपनी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल माध्यम से ज्ञान अर्जित कर सकें।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को गांव में ही बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। शासन की मंशा है कि ग्रामीण विद्यार्थी इन पुस्तकालयों का लाभ उठाकर अपनी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल माध्यम से ज्ञान अर्जित कर सकें। लेकिन इन सुविधाओं के वास्तविक संचालन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्धारित समय के बावजूद डिजिटल लाइब्रेरी नहीं खुल रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। देवलसा में दोपहर तक बंद मिली लाइब्रेरी देवलसा ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी के संचालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। दावा किया गया है कि दोपहर करीब 12:50 बजे तक लाइब्रेरी बंद थी। यदि निर्धारित समय पर भी पुस्तकालय नहीं खुलता है, तो वहां पढ़ाई के लिए पहुंचने वाले विद्यार्थियों को निराश होकर लौटना पड़ सकता है। हालांकि, लाइब्रेरी बंद मिलने के कारण और उस दिन के संचालन से संबंधित आधिकारिक पक्ष की पुष्टि होना अभी बाकी है। युवाओं को सुविधा देने की मंशा पर सवाल ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना है। इससे गांव के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा शैक्षिक सामग्री तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। लेकिन यदि पुस्तकालय नियमित रूप से नहीं खुलते हैं या निर्धारित समय पर उनका संचालन नहीं होता है, तो योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के बाद उनके नियमित संचालन की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल जनपद के विभिन्न विकास खंडों की चयनित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। ऐसे में इनके संचालन की नियमित निगरानी, खुलने और बंद होने का समय निर्धारित करने तथा विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। देवलसा में लाइब्रेरी बंद मिलने के दावे के बाद संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी चर्चा में है। क्या पुस्तकालय के संचालन की नियमित जांच की जा रही है? क्या वहां विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं? और यदि लाइब्रेरी निर्धारित समय पर नहीं खुल रही है, तो इसके लिए जवाबदेही किसकी होगी? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब संबंधित विभाग को देना चाहिए। जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति डिजिटल लाइब्रेरी का उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है, जब विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर वहां पहुंचकर पढ़ाई करने की सुविधा मिले। इसलिए संबंधित अधिकारियों को देवलसा सहित अन्य चयनित ग्राम पंचायतों में पुस्तकालयों के संचालन की स्थिति की जांच करानी चाहिए। यदि कहीं अनियमितता मिलती है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी योजना का लाभ वास्तविक रूप से ग्रामीण युवाओं तक पहुंच सके।
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