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उत्तर प्रदेश: बरेली में गरीब शक्ति दल का प्रदर्शन, विशेष जांच दल और पैरोल व्यवस्था में सुधार की मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , Date: 17/03/2026 01:15:23 pm Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: आज बरेली जिला मुख्यालय पर गरीब शक्ति दल के पदाधिकारी ने अपनी बड़ी मांग भारत में अपराध  चरम सीमा अपनी डिग्री हासिल कर रहा है देखते हुए उसका उदाहरण के रूप में भारतीय जेले  बनी हुई

विस्तार

उत्तर प्रदेश: आज बरेली जिला मुख्यालय पर गरीब शक्ति दल के पदाधिकारी ने अपनी बड़ी मांग भारत में अपराध  चरम सीमा अपनी डिग्री हासिल कर रहा है देखते हुए उसका उदाहरण के रूप में भारतीय जेले  बनी हुई  है को बताते हुए संगठन का तर्क देश मे घटना और अपराधियों की सही जांच  हो सके कोई पुलिस से पृथक " विशेष जांच दल(sit) " न्यायिक स्तर पर गठित नहीं है ताकि देश में बदले की भावना से दर्ज होने वाले झूठे मुकदमों पर प्रतिबंध लग सके , गरीबों के नेता मनोज विकेट ने थाने में  तैनात दरोगाओं को ही अपराधी घोषित घटना की जांच करने का ठेकेदार नियुक्त करके ज़िम्मेदारी भारतीय थाना में बड़े पैमाने पर सोपी  हुई है   जिसका बड़ा दुष्प्रभाव आज भारतीय जेलों में लाखों  बेगुनाह लोग भी तनाव में बंदिश के चलते  बीपी हाई, हृदय रोग, डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं जिस कारण  उनका परिवार आज भुखमरी के साथ-साथ उनकी विवाह योग्य पुत्रियां विवाह से वंचित रहने की सूचनाओं मिल रही है तथा परिवार में विवाह योग्य  पुत्रियों पर आसपास के दबंग एवं मनचले युवको द्वारा छेड़खानी ,

 दुराचार, बलात्कार ,रेप आदि जैसी वारदातों को अंजाम देने की घटनाएं देश में लगातार बढ़ रही है  बताते चलें भारतीय जेलों में ऐसे लाखों कैदी /बंदी  है जिनकी विवाह योग्य पुत्रियां हैं और गरीबी दुर्दशा के कारण आर्थिक संकट से परिवारों के मुखिया भारतीय जेलों में सलाखों के पीछे होने के कारण  जूझ रहे हैं संगठन के गगन जैन  बोले अक्सर  देखा जा रहा है कि भारतीय जेलों में सलाखों के पीछे और बंदिश के चलते कैदी और बंदी अपने-अपने परिवारों में विवाह योग्य पुत्रियो  के विवाह करने हेतु उन्हें  जेलो  से पैरोल समय से नही मिल पाती  है जिस कारण उनके परिवारों का संतुलन बिगड़ना अपराध का एक बड़ा कारण के रूप में देखा जा रहा है इसलिए संगठन का विशेष रूप से सुझाव है की भारतीय जेलों में कैदियों  और बंदियों   की विवाह योग्य पुत्री का तत्काल सर्वे उनके घरों में कराकर जेलों  के बाहर या जेलों  के अंदर ही सरकार कि "सामूहिक विवाह योजना "के तहत  विवाह संपन्न कराया जाए ताकि ऐसी बेसारा युवतियां अपना दांपत्य जीवन  सकुशल  व्यतीत कर सके बताते चलें भारतीय जेलो  में बंद कैदी और बंदियों की  बेटियों की  शादी के लिए जेल नियमावली "prison   मैन्युअल" और फलो पेरोल पर रिहाई होने का कानून विद्वान है तथा भारत का संविधान अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा माना गया है जो आपातकालीन स्थिति ( शादी )के लिए छुट्टी की अनुमति देता है लेकिन भारत का इतना बड़ा संवैधानिक कानून आज भारतीय जेलों में विकलांग बना हुआ है और कैदी बंदी समेत टूटते परिवार पैरोल के लिए संबंधित न्यायालय एवं अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते हिम्मत हार चुके हैं ज्ञापन देने वालों में संगठन प्रमुख मनोज विकेट, महासचिव गिरी चंद्र सक्सेना, संजय सक्सेना एडवोकेट, गगनभान दान, यतिश  सहाय,  चमेली देवी, रेनू  जौहरी उषा देवी मुर्शिद  खान आदि लोग मौजूद रहे। 

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