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उत्तर प्रदेश: कन्या फाउंडेशन के जुड़े क्लीनिकों की कार्यप्रणाली पर सवाल, स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मां
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: सक्रिय सामाजिक संगठन कन्या फाउंडेशन इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। स्थानीय स्तर पर संगठन से जुड़े कुछ क्लीनिकों और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं, जिससे
विस्तार
उत्तर प्रदेश: सक्रिय सामाजिक संगठन कन्या फाउंडेशन इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। स्थानीय स्तर पर संगठन से जुड़े कुछ क्लीनिकों और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर बहस तेज हो गई है सूत्रों और क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, संगठन से जुड़े कुछ क्लीनिकों पर प्रसव संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं। हालांकि इन क्लीनिकों के लाइसेंस, स्वास्थ्य मानकों और संबंधित विभागों से अनुमति की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से स्थानीय लोगों के बीच संदेह और चर्चा का माहौल बना हुआ है कुछ लोगों का आरोप है कि कुछ क्लीनिकों में आवश्यक मानकों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा, जबकि संबंधित डॉक्टर सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके अलावा यह चर्चा भी सामने आ रही है कि कुछ डॉक्टर संगठन से जुड़कर संभावित जांच या कार्रवाई की स्थिति में सुरक्षा कवच पाने की कोशिश कर रहे हैं।
संगठन के अध्यक्ष डॉ. शारिक सिद्दीकी को लेकर भी इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि उनका पारिवारिक संबंध एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी से बताया जाता है, जिसके चलते संगठन के प्रभाव को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है इस पूरे मामले में अब स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो उस पर पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे।