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उत्तर प्रदेश: गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर सांसद ने गन्ना आयुक्त को लिखा पत्र, शेखपुरा के किसानों को मुंडेरवा चीनी मिल से जोड़ने की मांग
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर बस्ती के सांसद राम प्रसाद चौधरी ने गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को पत्र भेजा है। उन्होंने शेखपुरा गांव के किसानों को रुधौली
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर बस्ती के सांसद राम प्रसाद चौधरी ने गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को पत्र भेजा है। उन्होंने शेखपुरा गांव के किसानों को रुधौली चीनी मिल से हटाकर मुंडेरवा चीनी मिल से संबद्ध करने की मांग की है। सांसद का कहना है कि इससे किसानों को गन्ना आपूर्ति में सुविधा के साथ समय से भुगतान और बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी। कुसौरा क्रय केंद्र पर किसानों को परेशानी पत्र में किसानों की ओर से गन्ना मूल्य के समय से भुगतान न होने, तौल में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। साथ ही सांसद ने भ्रष्टाचार और बिचौलियों के हस्तक्षेप के आरोपों का भी हवाला देते हुए कहा है कि इससे किसानों को परेशानी हो रही है और गन्ना आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मुंडेरवा चीनी मिल से जोड़ने का अनुरोध सांसद राम प्रसाद चौधरी ने गन्ना आयुक्त से किसानों के व्यापक हित को देखते हुए कुसौरा क्रय केंद्र से जुड़े शेखपुरा के किसानों को रुधौली चीनी मिल से हटाकर मुंडेरवा चीनी मिल से संबद्ध करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिसमें गन्ने की तौल पारदर्शी तरीके से हो और उन्हें उपज का भुगतान समय पर प्राप्त हो। सांसद ने किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए संबद्धता परिवर्तन पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। किसानों को राहत मिलने की उम्मीद सांसद के पत्र के बाद शेखपुरा और कुसौरा क्रय केंद्र से जुड़े किसानों की नजर अब गन्ना विभाग के निर्णय पर है। यदि किसानों को मुंडेरवा चीनी मिल से संबद्ध किया जाता है तो उन्हें गन्ना आपूर्ति और भुगतान व्यवस्था में राहत मिलने की उम्मीद है।
सांसद ने गन्ना आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि ग्राम शेखपुरा, तहसील व जनपद बस्ती के किसान पिछले कई वर्षों से कुसौरा क्रय केंद्र के माध्यम से रुधौली चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करते आ रहे हैं। किसानों को मौजूदा व्यवस्था में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
