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उत्तर प्रदेश: गोंडा में चीनी मिलों के पेराई सत्र की तैयारियों की समीक्षा, डीएम ने समय पर गन्ना भुगतान के दिए निर्देश
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद की समस्त चीनी मिलों के अध्यासी/प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद की समस्त चीनी मिलों के अध्यासी/प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषकों को समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान, उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण, गन्ना परिवहन, सड़क व्यवस्था, जीपीएस एवं सुरक्षा उपायों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं चीनी मिल प्रबंधन को निर्देशित किया कि पेराई सत्र से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने चीनी मिल कुन्दुरखी द्वारा अब तक मात्र 51.86 प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि चक्रवात एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कृषकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उपलब्ध अन्य मदों से भी गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया जाए। भुगतान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने किसानों से भी अपील की कि चीनी मिल द्वारा जिस प्रजाति की पर्ची जारी की जाए, उसी प्रजाति का गन्ना मिल को आपूर्ति करें। चीनी मिलों को अपने-अपने परिक्षेत्र की सड़कों का निरीक्षण कर गन्ना परिवहन मार्गों की स्थिति का परीक्षण करने तथा आवश्यकता के अनुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए गए, जिससे पेराई सत्र के दौरान किसानों और गन्ना परिवहन वाहनों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। बैठक में अवगत कराया गया कि चीनी मिल कुन्दुरखी में 15 नवंबर 2026, चीनी मिल मनकापुर में 18 नवंबर 2026 तथा चीनी मिल मैजापुर में 11 नवंबर 2026 से पेराई सत्र प्रारम्भ होने की संभावना है। जिलाधिकारी ने संबंधित मिल प्रबंधनों को निर्देशित किया कि पेराई सत्र प्रारम्भ होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, ताकि कृषकों को गन्ना आपूर्ति में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, सहायक चीनी आयुक्त गोण्डा कुशलपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह, चीनी मिल्स के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
निर्देशों का अनुपालन न होने पर चीनी मिल के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने समस्त चीनी मिलों को अपने-अपने परिसर में कृषकों की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम में 08-08 घंटे की पालीवार ड्यूटी लगाई जाएगी तथा शिकायतों के लिए पृथक रजिस्टर बनाया जाएगा। प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व गन्ना ढुलाई करने वाले वाहनों पर 2.5×5 मीटर का लाल कपड़ा तथा रिफ्लेक्टर क्रॉस अनिवार्य रूप से लगाया जाए। क्रय केंद्र से मिल गेट तक गन्ना ढोने वाले सभी वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही चीनी मिलों के गन्ना चेकिंग कर्मचारियों एवं अधिकारियों को गन्ने की प्रजाति की पहचान के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि गन्ना डी-ग्रेड करने की प्रक्रिया पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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