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बिहार: बालिका का दत्तक ग्रहण, दंपति को मिली अस्थायी सुपुर्दगी
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संक्षेप
बिहार: नवादा जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश द्वारा रविवार को पश्चिम बंगाल निवासी दंपति श्री शिथुन कर्मकार एवं उनकी पत्नी श्रीमती अहेली मित्रा को सात माह की बालिका अनुजा, जिसका नया नाम प्रिशा कर्मकार रखा गया, को दत्तक ग्रहण पूर्व पोषण हेतु अस्थायी रूप से सुपुर्द किया गया।
विस्तार
बिहार: नवादा जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश द्वारा रविवार को पश्चिम बंगाल निवासी दंपति श्री शिथुन कर्मकार एवं उनकी पत्नी श्रीमती अहेली मित्रा को सात माह की बालिका अनुजा, जिसका नया नाम प्रिशा कर्मकार रखा गया, को दत्तक ग्रहण पूर्व पोषण हेतु अस्थायी रूप से सुपुर्द किया गया। यह प्रक्रिया दत्तक ग्रहण समिति, नवादा की अनुशंसा पर विधिवत पूरी की गई। दत्तक ग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया भारत सरकार की Central Adoption Resource Authority (CARA) के CARINGS पोर्टल के माध्यम से दत्तक ग्रहण विनियम 2022 एवं जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हुई।
चार वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद बालिका को गोद लेने वाले दंपति ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आज उनका परिवार पूर्ण हो गया है। सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई नवादा श्री रीतेश कुमार ने बताया कि विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान नवादा से अब तक 14 बच्चों को अंतरदेशीय तथा 46 बच्चों को देश के भीतर दत्तक ग्रहण के माध्यम से परिवारों को सौंपा जा चुका है। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी Mission Vatsalya पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। दत्तक ग्रहण हेतु आधार कार्ड, पैन कार्ड, विवाह प्रमाण-पत्र, चिकित्सा प्रमाण-पत्र, पुलिस सत्यापन एवं आय प्रमाण-पत्र आवश्यक हैं। इस अवसर पर बाल संरक्षण पदाधिकारी अमरेंद्र मेहता, प्रबंधक आदर्श निगम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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