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गुजरात: 1360 टन वज़न वाला बुलेट ट्रेन गर्डर सिर्फ 3.5 घंटे में सफलतापूर्वक हुआ स्थापित

- Photo by : social media

गुजरात  Published by: Kanhaiya Lal , गुजरात  Edited By: Kunal, Date: 09/04/2026 05:41:46 pm Share:
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  • Published by.: Kanhaiya Lal ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 09/04/2026 05:41:46 pm
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संक्षेप

गुजरात: मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के सबसे भारी गर्डर में शामिल इस प्रीकास्ट ढांचे को रेलवे की पटरियों के ऊपर पोर्टल बीम के तौर पर रखा गया है। 

विस्तार

गुजरात: मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के सबसे भारी गर्डर में शामिल इस प्रीकास्ट ढांचे को रेलवे की पटरियों के ऊपर पोर्टल बीम के तौर पर रखा गया है। इसे अहमदाबाद के मणिनगर में स्थापित किया गया है। यह अब तक का सबसे भारी प्रीकास्ट-प्रीस्ट्रेस्ड पोर्टल बीम (गर्डर) है। यह पोर्टल बीम कंक्रीट से बना एक प्रीकास्ट ढांचा है, जिसकी लंबाई 34 मीटर है और इसका क्रॉस-सेक्शन 5.5 मीटर गुणा 4.5 मीटर है। मणिनगर रेलवे स्टेशन के पास ऐसे कुल पांच बीम लगाने की योजना है। इन बीम को साइट पर ही पहले से तैयार किया जा रहा है और फिर इन्हें भारी इंटीग्रेटेड यूनिट के तौर पर खड़ा किया जा रहा है।


प्रीस्ट्रेस्ड मैकलॉय रॉड से उठाया गर्डर

नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन (एनएचएसआरसीएल) के अनुसार इस काम में इंजीनियरिंग से जुड़ी कई चुनौतियां थीं। इनमें से एक सबसे बड़ी चुनौती लगभग 1360 मीट्रिक टन वजन वाले बहुत ही भारी बीम को उठाना था-जो भारतीय रेलवे के इंफ़ास्ट्रक्चर पर अब तक उठाए गए सबसे भारी वजनों में से एक है। इसके अलावा, दूसरी बड़ी चुनौती यह थी कि बीम को खड़ा करने का पूरा काम बहुत ही कम समय में पूरा करना था। बीम उठाने के लिए 75 मिलीमीटर व्यास वाली प्रीस्ट्रेस्ड मैकलॉय रॉड का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही इतने भारी वजन को सुरक्षित रूप से उठाने के लिए लिफ्टिंग बीम और भारी-भरकम स्लिंग का भी इस्तेमाल किया गया। गुजरात में अगले साल 15 अगस्त को बुलेट ट्रेन का संचालन होना है।

 

सिर्फ साढ़े तीन घंटे में काम हुआ पूरा

एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह काम सिर्फ लगभग 3.5 घंटे के बहुत कम समय में पूरा किया गया। इसके लिए भारतीय रेलवे के साथ तालमेल बिठाकर ट्रैफिक और बिजली की सप्लाई पूरी तरह से रोक दी गई थी। पहले इसी काम के लिए छह महीने तक चलने वाले लंबे समय के लिए सावधानी बरतने के आदेश जारी करने की योजना थी, जिसके लिए लगभग 9 घंटे तक ट्रैफिक रोकने की जरूरत पड़ती। यह गर्डर अहमदाबाद-वडोदरा सेक्शन की दोनों लाइनों के ऊपर रखा गया है। बीम उठाने का काम मुख्य तौर पर 2200 मीट्रिक टन वज़न उठाने वाले क्रॉलर क्रेन की मदद से किया गया। इसके साथ ही 260 टन वजन उठाने वाला एक स्टैंडबाय क्रेन, 80 टन वज़न उठाने वाला एक और क्रेन, लोगों को ऊपर उठाने वाली मशीनें (मैन लिफ्टर) और एंकरिंग फ्रेम वाला एक लिफ़्टर बीम सिस्टम जैसी दूसरी मशीनें भी इस्तेमाल की गईं।
देश के पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें नए-नए कीर्तिमान भी स्थापित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद के मणिनगर में 1360 मीट्रिक टन वजन वाले गर्डर को सफलतापूर्वक बड़ी क्रेनों से रखा गया। गर्डर की सफलतापूर्वक लांच का वीडियो खुद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा किया है। उन्होंने लिखा है कि सिर्फ साढ़े तीन घंटे में ही 1360 मीट्रिक टन वाले गर्डर को मणिनगर में लांच किया गया।