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उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में गोवध निवारण अधिनियम के मामले में अभियुक्त को सजा, ₹6,050 का जुर्माना

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 11/08/2026 11:06:08 am Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 11/08/2026 11:06:08 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते गोवध निवारण अधिनियम के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दंडित किया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते गोवध निवारण अधिनियम के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दंडित किया है। सीजेएम न्यायालय ने अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ ₹6,050 के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने 10 अगस्त 2026 को अभियुक्त अमरजीत बंजारा पुत्र लहुड़की बंजारा, निवासी बंजरिया, थाना बखिरा, जनपद संतकबीरनगर को मामले में दोष स्वीकार करने के आधार पर जेल में बिताई गई अवधि और कुल 6,050 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को 10 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।

9 गोवंशीय पशु बरामद होने का मामला

पुलिस के अनुसार मामला थाना कोतवाली खलीलाबाद से संबंधित है। प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह की ओर से अभियुक्त अमरजीत बंजारा के कब्जे से वध के लिए ले जाए जा रहे 9 गोवंशीय पशुओं की बरामदगी के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक गोपाल दास पटेल ने साक्ष्यों का संकलन किया और विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन अधिकारी पुनीत कुमार ने मामले की प्रभावी पैरवी की। पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के बाद मामले में न्यायालय ने कार्रवाई की।

जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर फैसला

यह मामला मुकदमा अपराध संख्या 2207/2007 से संबंधित है। इसमें गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत कार्रवाई की गई थी। न्यायालय द्वारा अभियुक्त की जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे जेल में बिताई गई अवधि तथा 6,050 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते अभियुक्त को दंडित कराया जा सका। इस पूरी कार्रवाई में मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार त्रिपाठी की भूमिका भी रही। संतकबीरनगर पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत लंबित आपराधिक मामलों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना, साक्ष्यों के बेहतर संकलन और प्रभावी अभियोजन पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अपराधियों को न्यायालय के माध्यम से सजा दिलाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। न्यायालय के आदेशों के आधार पर ऐसे मामलों में आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।