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उत्तर प्रदेश: MSME उद्योगों को राहत देने के लिए NPCL की नीतियों में सुधार जरूरी – अमित उपाध्याय

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उत्तर प्रदेश  Published by: Deepak Yadav(UP) , Date: 10/03/2026 11:35:36 am Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मा० उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा आयोजित नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) की जनसुनवाई में Industrial Business Association के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने गौतमबुद्ध नगर

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उत्तर प्रदेश: मा० उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा आयोजित नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) की जनसुनवाई में Industrial Business Association के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने गौतमबुद्ध नगर के MSME उद्योगों की प्रमुख समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए बिजली व्यवस्था को उद्योग-अनुकूल बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर का MSME सेक्टर हजारों लोगों को रोजगार देता है और क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए बिजली से जुड़ी नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योगों के अनुकूल बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है। जनसुनवाई में बोलते हुए अमित उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान में टेम्परेरी बिजली कनेक्शन पर लगभग ₹1900 प्रति किलोवाट का चार्ज लिया जा रहा है, जो MSME इकाइयों के लिए अत्यधिक है। उन्होंने आयोग से मांग की कि इस फिक्स चार्ज को कम किया जाए ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों को राहत मिल सके।

उन्होंने लोड बढ़ाने और घटाने के एग्रीमेंट पर लगने वाले शुल्क को भी अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि कई उद्योगों में काम की प्रकृति के कारण समय-समय पर बिजली का लोड कम या ज्यादा करना पड़ता है। ऐसे में इस प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा कम से कम 6 माह की समय सीमा निर्धारित की जाए, जिससे उद्योगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। अमित उपाध्याय ने सिक्योरिटी डिपॉजिट में की गई भारी वृद्धि पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहले यह राशि लगभग ₹2200 प्रति KVA थी, जिसे बढ़ाकर लगभग ₹3500 प्रति KVA कर दिया गया है। इससे MSME उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है, जिसे कम किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान में LT कनेक्शन की सीमा 50 किलोवाट है, जिसे बढ़ाकर 100 किलोवाट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे प्लॉट वाले उद्योगों के लिए HT कनेक्शन लेना आर्थिक रूप से कठिन होता है और कई जगहों पर इसके लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध नहीं होता। यदि LT सीमा 100 किलोवाट की जाती है तो हजारों MSME उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। अंत में अमित उपाध्याय ने आयोग से आग्रह किया कि गौतमबुद्ध नगर के उद्योगों की इन व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाएं, ताकि उद्योगों को राहत मिले और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।

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