-
☰
No image found.
उत्तराखंड: पूर्व ग्राम प्रधान हत्याकांड में कमजोर पैरवी के आरोप, पीड़ित परिवार ने उठाए सवाल
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तराखंड: हत्या मामले में कमजोर पैरवी पर उठे सवाल, पीड़ित परिवार ने सरकार से की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग माछीखेत निवासी एवं सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत हरीश सिंह डांगी ने अपने पिता स्वर्गीय पुष्कर सिंह डांगी हत्याकांड में सरकार की कमजोर पैरवी एवं
विस्तार
उत्तराखंड: हत्या मामले में कमजोर पैरवी पर उठे सवाल, पीड़ित परिवार ने सरकार से की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग माछीखेत निवासी एवं सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत हरीश सिंह डांगी ने अपने पिता स्वर्गीय पुष्कर सिंह डांगी हत्याकांड में सरकार की कमजोर पैरवी एवं पीड़ित पक्ष को सुनवाई की सूचना न दिए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोमवार को पीडित पक्ष दर्जनों ग्रामीणों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार दयाल चन्द्र मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि स्वर्गीय पुष्कर सिंह डांगी, जो माछीखेत ग्रामसभा के पूर्व ग्राम प्रधान भी थे, की हत्या के मामले में आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायालय पिथौरागढ़ द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। लेकिन बाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी को बरी कर दिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सरकारी अधिवक्ता द्वारा न्यायालय में मामले की प्रभावी पैरवी नहीं की गई, जिसके चलते आरोपी को राहत मिल गई। हरीश सिंह डांगी ने कहा कि उनकी माताजी घटना की प्रत्यक्षदर्शी गवाह थीं तथा ग्रामीणों ने भी आरोपी को हथियार के साथ घटनास्थल से भागते देखा था। इसके बावजूद आरोपी के बरी होने से परिवार और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष को किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। यहां तक कि निर्णय की प्रति भी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई। परिवार को आरोपी की रिहाई की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि डांगी परिवार सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है और परिवार के सदस्य भारतीय सेना एवं केंद्रीय सशस्त्र बलों में सेवाएं दे चुके हैं। ड्यूटी संबंधी कारणों से परिवार लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सका। पीड़ित परिवार ने आरोपी की रिहाई के बाद स्वयं एवं ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आरोपी के खुलेआम घूमने से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है तथा भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। परिवार ने मुख्यमंत्री से मामले में पुनः प्रभावी कानूनी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित पक्ष को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। ज्ञापन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं महिलाओं ने हस्ताक्षर कर तहसील कार्यालय पहुचकर मामले में न्याय दिलाने की मांग की।ज्ञापन देने मे पीडित की माँ सरस्वती डाँगी, धना डाँगी ,जिलापंचायत सदस्य रितिक पाण्डेय, ग्राम प्रधान माछीखेत मोनिका, ग्राम प्रधान डाँगी गाँव माया देवी,कनिष्क प्रमुख गौरव अस्वाल ग्राम प्रधान पुरानाथल कमल अस्वालइ,ब्यापार संघ अध्यक्ष बेरीनाग राजेश रावत,विनोद महरा शांति देवी, हेमा डांगी, सरस्वती डांगी, कमला देवी, मीना असवाल, राहुल डांगी, कल्याण डांगी, कृपाल सिंह सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि आरोपी के बरी होने से गाँव में भय का माहौल बना हुआ है जबकि जिस समय घटना हुयी थी तब आरोपी के पिता और भाई ने ग्रामीणों के सम्मुख लिखित में दिया था कि हत्यारे को आजीवन कारावास दिया जाना चाहिए। इस घटना से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है घटना 19 सितंबर 2020की रात्रि9 बजे बेरीनाग के माछीखेत ग्राम सभा के ग्राम प्रधान पुष्कर सिह डाँगी को रिस्ते के भतीजे नीरज सिह डाँगी पुत्र भूपाल सिह डाँगी ने घात लगाकर दो नाली बंदूक से गोली मारकर हत्या की है।
मध्य प्रदेश: ड्यूटी के दौरान प्रधान आरक्षक की हुई मौत, पुलिस विभाग में शोक
उत्तर प्रदेश: फरार आरोपी धुरहू धरिकार के खिलाफ अदालत सख्त, 82 सीआरपीसी की नोटिस चस्पा
राजस्थान: बजरंग दल के शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने हेतु शिक्षार्थी रवाना
बिहार: कौआकोल में सहयोग शिविर आयोजित, ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ समाधान
