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बिहार: रजौली भानेखाप अभ्रक माइंस में अवैध खनन जारी, प्रशासन का नियंत्रण चुनौतीपूर्ण

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बिहार  Published by: Sanjay Kumar Verma , Date: 09/02/2026 12:48:45 pm Share:
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संक्षेप

बिहार: नवादा जिले के रजौली एक बार फिर से रजौली थाना क्षेत्र के हरदिया पंचायत के भानेखाप अभ्रक माइंस में कथित रूप से अवैध अभ्रक (माइका) खनन करने का मामला सामने आया है।

विस्तार

बिहार: नवादा जिले के रजौली एक बार फिर से रजौली थाना क्षेत्र के हरदिया पंचायत के भानेखाप अभ्रक माइंस में कथित रूप से अवैध अभ्रक (माइका) खनन करने का मामला सामने आया है। इस भानेखाप अभ्रक माइंस में दिन-रात सैकड़ों मजदूर अभ्रक का खनन करने में लगे हैं। छोटे-बड़े दर्जनों अभ्रक माफियाओं के द्वारा सूअरलेटी गांव के मजदूरों से अवैध खनन का काम कराया जा रहा है। हरदिया पंचायत स्थित इस भानेखाप अभ्रक खदान में वन विभाग के द्वारा नियमित छापेमारी नहीं किए जाने से प्रतिदिन सैकड़ों मजदूर बेखौफ होकर अभ्रक खनन का काम कर रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि प्रतिदिन सैकड़ों मजदूरों को लगाकर अभ्रक माइंस से अभ्रक निकाला जाता है और उसे बिहार राज्य से बाहर के कारोबारियों को बेचा जाता है। वर्षों से इस भानेखाप अभ्रक खदान में बिना किसी वैध अनुमति व बिना सुरक्षा इंतजाम और पर्यावरणीय मानकों के ही अभ्रक खनन का काम किया जा रहा है। जिससे हमेशा मजदूरों की जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण क्षेत्र में जमीन धंसने, जंगलों के नुकसान और पर्यावरण प्रदूषण जैसी कई समस्याएं बढ़ रही हैं। हालांकि मिली सूचना पर वन विभाग व पुलिस ने कई बार कार्रवाई भी की। लेकिन पुलिस-प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अभ्रक का अवैध खनन का काम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जिससे अवैध खनन करने वाले अभ्रक माफियाओं के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं। वहीं, मजदूर बेहद कम मजदूरी में जोखिम भरे हालात में काम करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने खनन विभाग व जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध अभ्रक खनन पर रोक लग सके।

 

इस संदर्भ में रजौली के वनों के क्षेत्र पदाधिकारी नारायण लाल सेवक ने बताया कि अवैध खनन की सूचना का सत्यापन के लिए उनकी टीम शुक्रवार को भी गई थी। लेकिन सही समय पर खनन का पता नहीं चल रहा है। मजदूरों के द्वारा खनन किए जाने का पता ही नहीं चलता है। खनन करने के लिए जब भी कोई वाहन खदान क्षेत्र में प्रवेश करेगा तो वे पुलिस-प्रशासन की मदद से उस पर कार्रवाई करेंगे। अभ्रक माफियाओं को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। सही सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। दिन में जब भी खनन होता है तो वन विभाग की टीम जाती है तो लोग भाग जाते हैं। खदान पर कोई नहीं मिलता। रात में पेट्रोलिंग करने पर अंधेरे में पता नहीं चलता है। हम लोगों का प्रयास है कि अभ्रक का अवैध खनन पर रोक लगाया जाए। अवैध उत्खनन करने वालों से कोई समझौता नहीं है। उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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