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गुजरात: किसानों और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार से उठाई गई मांगें
- Photo by : social media
संक्षेप
गुजरात: गुजरात में लोकतंत्र की रक्षा, किसानों की समस्याओं और कानून व्यवस्था को लेकर न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष परसोत्तमभाई नथाभाई मुंगरा (पटेल) ने राज्य सरकार से कई मांगें की हैं।
विस्तार
गुजरात: गुजरात में लोकतंत्र की रक्षा, किसानों की समस्याओं और कानून व्यवस्था को लेकर न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष परसोत्तमभाई नथाभाई मुंगरा (पटेल) ने राज्य सरकार से कई मांगें की हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में पिछले 31 वर्षों से भाजपा की सरकार है, इसके बावजूद राजकोट सहित कई शहरों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ' के नारे के साथ रैलियां निकाली जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में भाजपा की सरकार है, तो लोकतंत्र बचाने के लिए रैलियां निकालने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने राजकोट में बढ़ते अपराध, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि शहर में अपराधियों में पुलिस का डर कम होता जा रहा है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली हिंसक घटनाओं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परसोत्तमभाई मुंगरा ने राज्य में कथित फर्जी डॉक्टरों, अस्पतालों, क्लीनिकों और अधिकारियों के मामलों के साथ खाद्य पदार्थों और दवाओं में मिलावट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने सूखे से प्रभावित किसानों का तीन लाख रुपये तक का फसल ऋण माफ करने और किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता बढ़ाने की मांग की। उन्होंने पशुपालकों को मिलने वाली 80 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता को बढ़ाकर 300 रुपये करने की भी मांग रखी। साथ ही जामनगर के किसानों और हड़ताल कर रहे वनकर्मियों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की। उन्होंने फर्जी मतदान रोकने के लिए सख्त कानून बनाने और फर्जी मतदान करने तथा कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। उनका कहना है कि केवल रैलियां निकालने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होगा, बल्कि सरकार को किसानों, पशुपालकों और आम जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा।
