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उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री आवास के नाम पर वसूली का आरोप, नोटिस के बाद भी रोजगार सेवक ने नहीं दिया जवाब, FIR की तैयारी
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: रोजगार सेवक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाभार्थियों से आवास दिलाने के नाम पर रुपये लिए जाने की शिकायत के बाद खंड विकास अधिकारी ने रोजगार सेवक को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: रोजगार सेवक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाभार्थियों से आवास दिलाने के नाम पर रुपये लिए जाने की शिकायत के बाद खंड विकास अधिकारी ने रोजगार सेवक को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। लेकिन नोटिस जारी हुए दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं दिया गया है। अब खंड विकास अधिकारी ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति करने की बात कही है। ग्राम पंचायत केकरहो में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से कथित तौर पर 10 से 15 हजार रुपये तक वसूले जाने की शिकायत मिली थी। मामला सामने आने के बाद ग्राम पंचायत प्रशासक कलावती देवी ने ग्राम पंचायत सचिव चंद्र प्रकाश के साथ लाभार्थियों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज कराए। शिकायत के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जीरो पावर्टी श्रेणी के सात लाभार्थियों से पहली किस्त में अवैध वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद प्रशासक ने खंड विकास अधिकारी कृष्ण कुमार दूबे को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया था। तीन लाभार्थियों ने रोजगार सेवक पर लगाया आरोप ग्राम पंचायत सचिव चंद्र प्रकाश और प्रशासक कलावती देवी के सामने रजनी पत्नी राजेश, जरीबा खातून पत्नी शहजाद तथा बाना पत्नी राम स्वारथ ने अपने बयान में रोजगार सेवक शैलेश कुमार पर रुपये वसूलने का आरोप लगाया था। लाभार्थियों के बयानों के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा गया। खंड विकास अधिकारी की ओर से ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से 12 अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया था। इसमें रोजगार सेवक को दो दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी जवाब नहीं मिलने से कार्रवाई का मामला लंबित है। जवाब नहीं देने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी नोटिस जारी करते समय स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समय में स्पष्टीकरण नहीं देने पर रोजगार सेवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बावजूद अब तक जवाब नहीं मिला है और प्राथमिकी भी दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में अब विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर नजरें अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी कृष्ण कुमार दूबे ने बताया कि रोजगार सेवक के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही संबंधित रोजगार सेवक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति भी की जाएगी।
