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मध्य प्रदेश: कलेक्टर ने सुनीं जनसमस्याएं, लापरवाही पर पटवारी निलंबित, कई शिकायतों का मौके पर निकाला समाधान
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: जिले के पोरसा तहसील कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने नागरिकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं।
विस्तार
मध्य प्रदेश: जिले के पोरसा तहसील कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने नागरिकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। जनसुनवाई में अंबाह और पोरसा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे। इस दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खाद उपलब्धता, फार्मर आईडी और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों पर नागरिकों ने आवेदन प्रस्तुत किए।कलेक्टर ने सभी आवेदनों का बारीकी से परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण कर आवेदकों को राहत प्रदान की गई। जनसुनवाई में ग्राम गढ़िया निवासी रामाचंद सिंह पुत्र हरिनारायण सिंह तोमर ने भूमि सीमांकन में हो रही देरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि ग्राम गढ़िया के सर्वे क्रमांक 1283, 1286, 1289, 1293, 1296 और 1298 सहित ग्राम रिठवारी के सर्वे क्रमांक 189 की भूमि के सीमांकन के लिए वर्ष 2021 में आवेदन दिया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी। आवेदक ने संबंधित पटवारी पर सीमांकन के लिए रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने प्रथम दृष्टया कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर हल्का क्रमांक-69 के पटवारी मनोज तोमर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश भी जारी किए गए। जनसुनवाई में कुल 130 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 31 आवेदन गंभीर प्रकृति के पाए गए, जिन्हें तत्काल टीएल प्रकरण के रूप में दर्ज कर संबंधित विभागों को भेजा गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए, जिससे आम नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर न्याय और योजनाओं का लाभ मिले। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने प्राप्त आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
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