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उत्तर प्रदेश: मीरजापुर में राजस्व व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप, लेखपाल से मंडलायुक्त तक एक साथ हुए प्रशिक्षित

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 28/07/2026 12:45:10 pm Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद में राजस्व कार्यों को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और विवादमुक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की पहल पर पहली बार जिला स्तरीय राजस्व क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद में राजस्व कार्यों को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और विवादमुक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की पहल पर पहली बार जिला स्तरीय राजस्व क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बीएचयू बरकछा सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पहली बार लेखपाल, राजस्व निरीक्षक (कानूनगो), नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त एक ही सभागार में एक साथ बैठकर प्रशिक्षण में शामिल हुए।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि राजस्व विवादों का अधिकांश हिस्सा भूमि विवाद, सीमांकन और खतौनी से जुड़ा होता है। यदि लेखपाल और कानूनगो तकनीकी रूप से दक्ष होंगे तो अधिकांश मामलों का निस्तारण गांव स्तर पर ही हो सकेगा और लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विंध्याचल मंडल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राजस्व विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को मंडल के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

प्रशिक्षण में राजस्व संहिता की धाराएं 24, 34 और 38, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, कोर्ट आदेशों का अनुपालन, जीआईएस मैपिंग, ई-धरती पोर्टल, भूलेख, ड्रोन और जीपीएस से पैमाइश, बाढ़-सूखा आकलन, जनगणना, चुनाव ड्यूटी, रिपोर्ट लेखन और डेटा एंट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में लेखपाल संघ और राजस्व निरीक्षक संघ ने मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए इस अभिनव पहल की सराहना की। प्रशिक्षण में सभी उपजिलाधिकारी, तहसील एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। यह पहल मीरजापुर में राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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