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मध्य प्रदेश: पेटलावद सिविल अस्पताल का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, आईसीयू जल्द शुरू करने के निर्देश

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मध्य प्रदेश  Published by: Riyaz Mohammad Khan , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 07/05/2026 10:10:33 am Share:
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  • Published by.: Riyaz Mohammad Khan ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 07/05/2026 10:10:33 am
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा बुधवार को सिविल अस्पताल पेटलावद का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार व्यवस्थाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का

विस्तार

मध्य प्रदेश: कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा बुधवार को सिविल अस्पताल पेटलावद का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार व्यवस्थाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का विस्तार से अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पंजीयन कक्ष, आयुष्मान कक्ष, प्रसव कक्ष, हीट क्लीनिक, एचआईवी काउंसिलिंग कक्ष, आईसीयू वार्ड, एनबीएसयू यूनिट सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए अस्पताल में स्वच्छता, व्यवस्थाओं की सुचारूता एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया।

हीट स्ट्रोक की संभावित स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने हीट क्लीनिक की व्यवस्थाओं की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु डेडीकेटेड वार्ड को व्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जाए। साथ ही आवश्यक दवाइयों, उपकरणों एवं चिकित्सकीय संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि गर्मी के मौसम में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
निरीक्षण के दौरान आईसीयू वार्ड में चिकित्सकों की कमी के कारण संचालन प्रभावित पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही कर आईसीयू वार्ड का संचालन शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर मरीजों के उपचार हेतु आईसीयू सेवाओं की उपलब्धता को अत्यंत आवश्यक बताते हुए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था करने पर जोर दिया।

कलेक्टर ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने एफसीएम लगाए जाने की प्रक्रिया तथा एएनसी जांच के दौरान अपनाए जाने वाले समस्त प्रोटोकॉल की जानकारी लेते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने एनबीएसयू यूनिट का निरीक्षण कर नवजात शिशुओं को प्रदान की जा रही उपचार एवं देखभाल व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। दंत चिकित्सालय कक्ष के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मरीजों को ओरल हाइजीन के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दंत स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से परामर्श एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में माताओं को ब्रेस्ट फीडिंग मेथड सिखाने हेतु संचालित गतिविधियों की जानकारी भी कलेक्टर को दी गई। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए जिले के समस्त अस्पतालों में भी ऐसी गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके। कलेक्टर ने अस्पताल में डॉक्टर्स एवं अन्य स्टाफ की उपलब्धता, कार्यप्रणाली एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर एवं जनहितकारी बनाने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेटलावद सुश्री तनुश्री मीणा, सहायक कलेक्टर सुश्री आयुषी बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी एस बघेल, तहसीलदार श्री अनिल बघेल एवं डॉक्टर्स उपस्थित रहे।