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मध्य प्रदेश: डीपी से फैले खुले बिजली तारों की चपेट में आने से गाय की मौत, बिजली विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
मध्य प्रदेश: डीपी से बिखरे बिजली के तारों के संपर्क में आने से एक गाय की शनिवार को मौत हो गई। इस घटना के बाद इस मामले में बिजली विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अधिकांश जगह डीपी
विस्तार
मध्य प्रदेश: डीपी से बिखरे बिजली के तारों के संपर्क में आने से एक गाय की शनिवार को मौत हो गई। इस घटना के बाद इस मामले में बिजली विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अधिकांश जगह डीपी से तार नीचे जमीन पर फैले या लटके हुए हैं। ऐसे में इस तरह के हादसे बढ़ सकते हैं। शनिवार को गाय को करंट लगने के मामले में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब सवा 11 बजे एक गाय पुराने सांदीपनि स्कूल के पास लगी डीपी से लगकर डाले गए कचरे में खाद्य सामग्री तलाश रही थी। इसी दौरान यहां जमीन पर डले बिजली के तारों में एक खुले नंगे तारों के संपर्क में आने उसने कुछ ही पल में तड़पते हुए दम तोड़ दिया। इस घटना की जानकारी लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को दी। जिसके बाद बिजली कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मृत गाय को देख बिजली आपूर्ति रुकवाकर गाय की मौत की वजह बने बिजली के खुले तार को काटकर जमीन पर बिखरे तारों को डीपी की तरफ समेट दिया। वहीं, नपा को सूचना के बाद उसके कर्मचारी मृत गाय को उठा ले गए। इस मामले में देखा जाए तो सुबह 6 बजे से 9 बजे तक यहां पर फलमंडी लगती है। इसके बाद यहां चाट और अंडे, आदि के ठेले लगते हैं। ये भी खाद्य पदार्थों का अपशिष्ट एवं अन्य कचरा यहां डीपी के पास ही फेंकते हैं। जिससे यहां कचरे का जमावड़ा हमेशा बना रहता है। चूंकि यहां डीपी की मौजूदगी और इसके जमीन पर बिखरे बिजली के तारों से करंट फैलने के डर से नपा के सफाईकर्मी भी सफाई करने से डरते हैं। इस मामले में सफाई दरोगा राजेंद्र कुमार बताते हैं कि यहां चाट, फल, आदि के ठेले लगते हैं। इसके अलावा आसपास से पानी भी डीपी तरफ आने से जमीन हमेशा गीली रहती है। ऐसे में करंट आने का भय हमेशा बना रहता है। यदि बिजली विभाग यहां डीपी से निकले तार व्यवस्थित करते हुए डीपी को मजबूत जाल से कवर्ड कर दे तो हमारे कर्मचारी यहां तरीके से सफाई करने लगेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने यहां लगने वाले चाट, अंडे, फल, आदि के ठेले और फलमंडी हटवाने की भी बात की है। उनका मानना है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो यहां ऐसे हादसे हमेशा होते रहेंगे। वहीं, एई किशन अहिरवार ने बताया कि जहां जहां आबादी क्षेत्र में डीपी हैं। उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से लोहे की मजबूत जाली से कवर्ड कराया जाएगा। ताकि भविष्य में फिर ऐसे हादसे न हों।
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