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मध्य प्रदेश: पोरसा में 22 अगस्त से भव्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण और महा रुद्राभिषेक का आयोजन

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 21/08/2026 05:27:26 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
  • Edited By.: Yashoda,
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  • 21/08/2026 05:27:26 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: पोरसा श्रावण मास को भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। 

विस्तार

मध्य प्रदेश: पोरसा श्रावण मास को भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ पोरसा के गल्ला मंडी परिसर में 22 अगस्त से असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक का भव्य धार्मिक आयोजन शुरू होने जा रहा है। आयोजन को लेकर गल्ला मंडी परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। डॉक्टर अनिल शास्त्री जी ‘बड़े भैया’ के सानिध्य में आयोजित होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालु सामूहिक रूप से मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे। आयोजकों के अनुसार पार्थिव शिवलिंग निर्माण का क्रम 22, 23 एवं 24 अगस्त को प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक चलेगा। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिल शास्त्री जी ‘बड़े भैया’ द्वारा श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा, शिव आराधना तथा पार्थिव शिवलिंग के धार्मिक महत्व पर प्रवचन दिया जाएगा। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक महा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा।

क्या है पार्थिव शिवलिंग का महत्व?

सनातन धार्मिक परंपरा में पार्थिव शिवलिंग का विशेष महत्व बताया गया है। ‘पार्थिव’ का अर्थ पृथ्वी या मिट्टी से निर्मित होता है। मिट्टी से शिवलिंग बनाकर उसमें भगवान शिव का भावपूर्वक आवाहन कर पूजा-अर्चना और अभिषेक करना शिव उपासना की प्राचीन परंपराओं में माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पार्थिव शिवलिंग का निर्माण भक्त को भक्ति, एकाग्रता और शिव साधना से जोड़ता है। मिट्टी से शिवलिंग बनाना स्वयं एक साधना का स्वरूप माना जाता है, जिसमें श्रद्धालु अपने हाथों से शिवस्वरूप का निर्माण कर उन्हें जल, दूध, बेलपत्र सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में पार्थिव शिवलिंग पूजन को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने तथा मनोकामना पूर्ति के लिए की जाने वाली श्रद्धापूर्ण साधना के रूप में वर्णित किया गया है। पार्थिव शिवलिंग निर्माण का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि इसमें हर आयु वर्ग के श्रद्धालु सामूहिक रूप से भाग ले सकते हैं। इससे धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामूहिक भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण होता है।

हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

आयोजकों अवधेश सिंह तोमर ठेकेदार, राम प्रकाश सिंह तोमर, गिरिराज लहरिया एवं कमलेश मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में बाहर से लगभग 500 से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। वहीं स्थानीय स्तर पर पूरे ब्लॉक क्षेत्र से करीब 2000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। आयोजकों के अनुसार सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या 5000 से अधिक पहुंचने की संभावना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए आयोजन स्थल पर बैठने, पूजा-अर्चना, दर्शन तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

व्यवस्था में जुटी टीम

कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी देवेश सिंह तोमर, शांतेश सिंह तोमर एवं उनकी टीम द्वारा संभाली जाएगी। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रावण मास में होने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर पोरसा क्षेत्र में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। तीन दिनों तक चलने वाले पार्थिव शिवलिंग निर्माण, प्रवचन और महा रुद्राभिषेक के माध्यम से गल्ला मंडी परिसर में शिवभक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिलेगा। सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के चलते यह आयोजन क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल होने की उम्मीद है।