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उत्तर प्रदेश: BSA के फेसबुक अकाउंट से छेड़छाड़ का आरोप, फर्जी अवकाश पत्र वायरल होने से मचा हड़कंप
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: संगम नगरी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच आज शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के डिजिटल सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: संगम नगरी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच आज शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के डिजिटल सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। जानकारी के मुताबिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) प्रयागराज के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से बड़ी लापरवाही या साइबर छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने हजारों अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों को असमंजस में डाल दिया। क्या है पूरा मामला? विगत दो दिनों (18 और 19 अगस्त 2026) से जनपद में हो रही भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए जिलाधिकारी प्रयागराज के निर्देश पर स्कूलों में 'रेनी डे' अवकाश घोषित किया गया था। संकट तब खड़ा हुआ जब आज 19 अगस्त 2026 को शाम लगभग 4:15 बजे बीएसए प्रयागराज के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर आगामी 20 अगस्त 2026 को भी रेनी डे अवकाश रहने का एक 'आधिकारिक पत्र' अपलोड कर दिया गया। यह पत्र सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। लेकिन चौंकाने वाली बात तब हुई जब कुछ ही देर बाद उस पत्र को डिलीट कर दिया गया और विभाग की ओर से एक नई पोस्ट डालकर स्पष्टीकरण दिया गया कि "पूर्व में अपलोड किया गया लेटर फर्जी है। किसी शरारती तत्व द्वारा पुराने आदेश पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से छेड़छाड़ की गई थी। जनता के तीखे सवाल: जिम्मेदार कौन? इस घटना के बाद से आम जनता और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोग सीधे तौर पर बीएसए कार्यालय की कार्यप्रणाली और उनके सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं आधिकारिक पेज पर फर्जीवाड़ा कैसे संभव?: यदि अकाउंट सुरक्षित था, तो बाहरी व्यक्ति ने उस पर लेटर कैसे पोस्ट किया? क्या अकाउंट हैक हुआ था या किसी अंदरूनी व्यक्ति की लापरवाही है?
AI का बहाना या सुरक्षा में सेंध?: विभाग का यह कहना कि 'AI के जरिए पुराने आदेश से छेड़छाड़ हुई', यह तो समझा जा सकता है, लेकिन वह संपादित पत्र विभाग के ही वेरिफाइड या ऑफिशियल हैंडल से पोस्ट कैसे हो गया?
जनता की परेशानी का जिम्मेदार कौन?: इस तरह की भ्रामक सूचनाओं से जनता के बीच अविश्वास की स्थिति पैदा होती है। सार्वजनिक माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग
पत्रकार प्रेस ऑफ़ इंडिया के प्रयागराज जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पटेल के अनुसार, किसी भी सरकारी या आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत या भ्रामक सूचना अपलोड करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि गैरकानूनी (साइबर अपराध) की श्रेणी में आता है। जनता मांग कर रही है कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सामने आना चाहिए, जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और इस साइबर छेड़छाड़ के पीछे जो भी दोषी है, उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। BSA प्रयागराज के COG नम्बर 94530 04061 पर सम्पर्क कर स्पष्टीकरण जानने की कोशिश की परन्तु फोन नहीं उठा।
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