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मध्य प्रदेश: एक्सप्रेसवे पर हुए पथराव से फैली दहशत, यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

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मध्य प्रदेश  Published by: Aarif Mohammad (MP) , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 21/08/2026 03:57:04 pm Share:
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  • Published by.: Aarif Mohammad (MP) ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 21/08/2026 03:57:04 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रही सड़क हादसों और वाहनों पर पथराव की घटनाओं ने यात्रियों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रही सड़क हादसों और वाहनों पर पथराव की घटनाओं ने यात्रियों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर रात के समय एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों में सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बनता जा रहा है। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर में एक वाहन का आगे का शीशा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि इसी बस के आगे चल रहे दो छोटे चार पहिया वाहनों पर भी पथराव किया गया। घटना के बाद एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों के बीच अचानक पथराव होना बेहद खतरनाक है। इससे चालक का संतुलन बिगड़ सकता है और बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यात्रियों ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रात के समय विशेष निगरानी की मांग की है।

1033 हेल्पलाइन पर भी उठे सवाल

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सहायता के लिए प्रत्येक किलोमीटर पर 1033 हेल्पलाइन नंबर का उल्लेख किया गया है। हालांकि, कुछ यात्रियों का आरोप है कि जरूरत के समय हेल्पलाइन पर कॉल रिसीव नहीं होने या तत्काल सहायता नहीं मिलने से परेशानी बढ़ जाती है। यात्रियों का कहना है कि आपात स्थिति में यदि सहायता समय पर उपलब्ध नहीं हो तो हेल्पलाइन व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित होता है। वहीं, टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी कुछ वाहन चालकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सहायता करना और शिकायतों को गंभीरता से लेना टोल कर्मचारियों की जिम्मेदारी का हिस्सा होना चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी नाराजगी

पथराव और सुरक्षा संबंधी घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की नाराजगी सामने आ रही है। यात्रियों की मांग है कि एक्सप्रेसवे पर ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया जाए, जहां से वाहनों पर पथराव की आशंका अधिक है। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, पुलिस पेट्रोलिंग और सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि रात के समय एक्सप्रेसवे पर संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जानी चाहिए और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही 1033 हेल्पलाइन को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है, ताकि दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में यात्रियों को समय पर सहायता मिल सके। फिलहाल सामने आई घटना के वास्तविक कारण और पथराव के लिए जिम्मेदार लोगों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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