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मध्य प्रदेश: अस्पताल 4 किमी दूर शिफ्ट होने से मरीज परेशान, पोरसा में मिनी अस्पताल की मांग तेज

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 19/06/2026 04:41:34 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
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  • 19/06/2026 04:41:34 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: शासकीय अस्पताल पोरसा को शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर नई बिल्डिंग में शिफ्ट किए जाने के बाद गरीब और ग्रामीण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 700 मरीजों की ओपीडी हुआ करती थी

विस्तार

मध्य प्रदेश: शासकीय अस्पताल पोरसा को शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर नई बिल्डिंग में शिफ्ट किए जाने के बाद गरीब और ग्रामीण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 700 मरीजों की ओपीडी हुआ करती थी, वहीं अब यह संख्या घटकर महज 100 से 125 के बीच रह गई है। अस्पताल के दूर चले जाने से खासकर गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज इलाज से वंचित हो रहे हैं। उनके पास न तो पर्याप्त साधन हैं और न ही पैसे, जिससे वे इतनी दूरी तय कर सकें। ऐसे में शहर के अंदर खाली पड़ी पुरानी अस्पताल बिल्डिंग में मिनी अस्पताल खोले जाने की मांग लगातार जोर पकड़ती जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2004 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह द्वारा पोरसा अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक यह घोषणा धरातल पर नहीं उतर सकी। हाल ही में नई बिल्डिंग के शुभारंभ के दौरान भी स्पेशलिस्ट डॉक्टर भेजने की बात कही गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी व्यापार संघ अध्यक्ष महावीर जैन का कहना है कि अस्पताल में अधिकांश गरीब मरीज इलाज कराने आते हैं, लेकिन इतनी दूर होने के कारण वे अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने शासन से मांग की है कि शहर के अंदर मिनी अस्पताल खोला जाए। कांग्रेस विधानसभा प्रभारी सुधीर सिंह तोमर उर्फ मोनू सिंह तोमर ने कहा कि अस्पताल के दूर जाने से मरीजों को गंभीर परेशानियां हो रही हैं, इसलिए शहर में ही एक मिनी अस्पताल की व्यवस्था की जानी चाहिए। वहीं कौथर खुर्द निवासी श्रीमती उषा देवी तोमर ने बताया कि उनके गांव से पोरसा तक पहले ही 5 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, उसके बाद 4-5 किलोमीटर और अस्पताल तक जाना बेहद मुश्किल हो गया है। खोयला के जयकरण जाटव और जगदीशगढ़ के सुनील सखवार ने भी कहा कि अस्पताल दूर होने से गरीबों के इलाज पर संकट खड़ा हो गया है और शहर में मिनी अस्पताल खोला जाना बेहद जरूरी है। मांग तेज, शासन से उम्मीद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि शासन जल्द से जल्द शहर के भीतर मिनी अस्पताल शुरू करे, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सकें।