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मध्य प्रदेश: “संस्कारों की पाठशाला” कार्यक्रम, बच्चों को नैतिक मूल्यों व सुरक्षा की दी गई सीख

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 23/05/2026 04:18:31 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
  • Date:
  • 23/05/2026 04:18:31 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा गांधीनगर पोरसा स्थित केंद्र पर बच्चों के लिए “संस्कारों की पाठशाला” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा गांधीनगर पोरसा स्थित केंद्र पर बच्चों के लिए “संस्कारों की पाठशाला” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली के संस्कार विकसित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके रेखा बहन एवं बीके अंजलि बहन ने कहा कि बच्चों के अंदर छोटी अवस्था से ही अच्छे संस्कार आने चाहिए, क्योंकि यही संस्कार आगे चलकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव बनते हैं। उन्होंने बच्चों को जीवन जीने की सही कला सिखाते हुए पढ़ाई में मन लगाकर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी पूरी लगन और अनुशासन के साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं, उनका जीवन खुशहाल बनता है और वे अपने परिवार तथा समाज का नाम रोशन करते हैं।

बीके बहनों ने कहा कि बचपन में मिला सही ज्ञान व्यक्ति के पूरे जीवन को सफल बना देता है। बच्चों को विद्यालय में अपने मित्रों के साथ प्रेम, सहयोग एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहने की प्रेरणा दी गई। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि सभी बच्चों को मिलजुलकर खेलना चाहिए ताकि समाज में प्रेम और खुशी का वातावरण बना रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को “गुड टच और बैड टच” के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। विभिन्न एक्टिविटीज एवं उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श में अंतर समझाया गया, ताकि वे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बन सकें। इस दौरान बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सभी बातों को गंभीरता से समझा। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने संकल्प लिया कि वे विद्यालय जाकर अपने दोस्तों को भी यह महत्वपूर्ण जानकारी देंगे और जो अच्छे संस्कार एवं सीख उन्हें प्राप्त हुई है, उसे दूसरों तक भी पहुंचाएंगे। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, ज्ञान एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।