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महाराष्ट्र: 200 साल पुरानी परंपरा के श्री बालाजी झेंडा उत्सव की तैयारियां शुरू, 30 अगस्त को तेलंगाना के लिए निकलेगी भव्य पदयात्रा
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संक्षेप
महाराष्ट्र: प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी प्राचीन काल से चली आ रही भक्ति और श्रद्धा के अनोखे संगम वाले श्री बालाजी झेंडा उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 200 वर्षों से अधिक समय
विस्तार
महाराष्ट्र: प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी प्राचीन काल से चली आ रही भक्ति और श्रद्धा के अनोखे संगम वाले श्री बालाजी झेंडा उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 200 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा आज भी श्रद्धालुओं के मन में विशेष आस्था का स्थान बनाए हुए है। यह परंपरा केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। उत्सव के अवसर पर परिसर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो रहा है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु श्री बालाजी महाराज के झंडे के दर्शन के लिए उपस्थित होते हैं और इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी शनिवार, दिनांक 8 अगस्त 2026 को प्रातः 5 बजे श्री बालाजी महाराज झंडे का आगमन, स्थापना एवं पूजन श्री रमाकांत संगवई के मार्गदर्शन में उनके निवास स्थान पर भक्तिमय वातावरण में किया गया। धार्मिक पूजा-विधि के बाद सुबह 10 बजे आरती की गई। इस अवसर पर शहर तथा आसपास के क्षेत्रों से अनेक श्रद्धालु पूजा एवं झंडा स्थापना के लिए पहुंचे। सभी श्रद्धालुओं ने ‘वेंकटरमणा गोविंदा’ नाम का जयघोष करते हुए दर्शन का लाभ लिया। इसके बाद दिनांक 18 अगस्त 2026 को दोपहर में श्री बालाजी झंडे का लाइन गली स्थित अपने पारंपरिक स्थान पर आगमन होगा। श्री बालाजी झंडा लाइन गली में पहुंचने के बाद कुछ दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विराजमान रहेगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक विधियां, पूजा-अर्चना और दर्शन कार्यक्रम जारी रहेंगे। इस वर्ष दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है। श्री बालाजी झंडे के आगमन की पृष्ठभूमि में लाइन गली परिसर में उत्सव का वातावरण निर्मित होगा। महिला, पुरुष, युवा तथा वरिष्ठ नागरिक बड़ी श्रद्धा के साथ इस धार्मिक परंपरा में सहभागी होते हैं। अनेक श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं श्री बालाजी महाराज के चरणों में अर्पित कर श्रद्धापूर्वक दर्शन लेते हैं। रविवार, दिनांक 30 अगस्त को लाइन गली से तेलंगाना के लिए पदयात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में भक्तिभाव से सहभागी होने के लिए परिसर के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की भी उपस्थिति रहेगी। श्रद्धा और भक्तिभाव से निकाली जाने वाली इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे तथा श्री बालाजी महाराज के ‘वेंकटरमणा गोविंदा’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। इस बालाजी महाराज झंडे को 200 वर्षों से अधिक पुरानी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा प्राप्त है। इस परंपरा को निरंतर संरक्षित किया जा रहा है और आज भी श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ इस उत्सव में सहभागी होते हैं। लाइन गली में यह पवित्र बालाजी महाराज झंडा प्रतिवर्ष लगभग 10 से 12 दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विराजमान रहता है। इस दौरान श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक दर्शन लेकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामनाएं श्री बालाजी महाराज के चरणों में अर्पित करते हैं। श्री बालाजी झेंडा उत्सव केवल धार्मिक समारोह नहीं है, बल्कि सैकड़ों वर्षों की श्रद्धा, संस्कृति, परंपरा और भक्ति की विरासत को संजोए रखने वाला उत्सव है। बदलते समय में भी इस परंपरा का महत्व कायम है और इस उत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को भी धार्मिक विरासत से परिचित कराने का कार्य किया जा रहा है। इस पवित्र उत्सव के अवसर पर सभी श्रद्धालु भक्तों से परिवार सहित उपस्थित होकर श्री बालाजी महाराज के दर्शन करने, पूजा-अर्चना करने और इस भक्तिमय समारोह का लाभ लेने का भावपूर्ण आह्वान आयोजकों की ओर से किया गया है।
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