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राजस्थान: परशुराम कुंड में स्थापित हुई 54 फीट ऊंची पंचधातु प्रतिमा, मकर संक्रांति से पहले होगा अनावरण

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Manoj Kumar Chordiya , राजस्थान  Edited By: Yashoda, Date: 26/09/2026 11:04:52 am Share:
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  • Published by.: Manoj Kumar Chordiya ,
  • Edited By.: Yashoda,
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  • 26/09/2026 11:04:52 am
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संक्षेप

राजस्थान: जयपुर अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध परशुराम कुंड में अब 54 फीट ऊंची भगवान परशुराम की भव्य पंचधातु प्रतिमा आस्था का नया केंद्र बनेगी।

विस्तार

राजस्थान: जयपुर अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध परशुराम कुंड में अब 54 फीट ऊंची भगवान परशुराम की भव्य पंचधातु प्रतिमा आस्था का नया केंद्र बनेगी। राजस्थान में तैयार यह विशाल प्रतिमा परशुराम कुंड में स्थापित हो चुकी है। इसका अनावरण मकर संक्रांति से पहले प्रस्तावित है। मकर संक्रांति पर यहां देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। ऐसे में अनावरण समारोह को राष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में अयोध्या से परशुराम कुंड तक ‘श्रीराम से परशुराम’ आमंत्रण रथयात्रा निकालने की तैयारी भी शुरू हो गई है।

 

देश के विभिन्न राज्यों से गुजरने वाली यह रथयात्रा लोगों को अनावरण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देगी और परशुराम कुंड को राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में पहचान दिलाने के अभियान का संदेश पहुंचाएगी। राजस्थान के प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश मालीराम वर्मा ने 54 फीट ऊंची इस पंचधातु प्रतिमा का निर्माण किया है। प्रतिमा के अनावरण को भव्य और राष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार और विप्र फाउंडेशन संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटे हैं।


अरुणाचल सरकार के साथ तैयारियों पर मंथन प्रतिमा अनावरण और आमंत्रण रथयात्रा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश सरकार और विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। उपमुख्यमंत्री चाउना मीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने अनावरण समारोह की रूपरेखा, रथयात्रा के मार्ग और अरुणाचल पहुंचने पर प्रस्तावित कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। उपमुख्यमंत्री चाउना मीन ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि अयोध्या से अरुणाचल तक पहुंचने वाली यह रथयात्रा देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का माध्यम बनेगी। अरुणाचल पहुंचने पर यात्रा का भव्य स्वागत और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विकसित हो रहा परशुराम कुंड परशुराम कुंड को प्रमुख राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना के तहत क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। 54 फीट ऊंची पंचधातु प्रतिमा इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण है। प्रतिमा के अनावरण के माध्यम से परशुराम कुंड को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

 

ओझा की अगुवाई में पहुंचा विप्र फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल बैठक में विप्र फाउंडेशन की ओर से सुशील ओझा की अगुवाई में मूर्ति प्रकल्प अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी, संयोजक परमेश्वर शर्मा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा, असम जोन अध्यक्ष संजय त्रिवेदी, महामंत्री रमेश शर्मा, इस्पेक चेयरपर्सन डॉ. हर्षा त्रिवेदी, प्रभारी प्यारेलाल शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मुकेश काका, अरुणाचल प्रदेश महामंत्री भवानी पारीक और उपाध्यक्ष नीलू शर्मा मौजूद रहे।


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