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उत्तर प्रदेश: बिना मान्यता वाले 58 स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का लगा जुर्माना, संचालन बंद करने के दिए निर्देश

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उत्तर प्रदेश  Published by: sanavvr , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 09/09/2026 12:39:32 pm Share:
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  • 09/09/2026 12:39:32 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: आगरा जिले में बिना मान्यता संचालित किए जा रहे विद्यालयों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: आगरा जिले में बिना मान्यता संचालित किए जा रहे विद्यालयों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने जांच के बाद 58 अमान्य विद्यालयों के संचालकों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही इन विद्यालयों का संचालन तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की जांच में जैतपुर कलां, पिनाहट, शमसाबाद, आगरा नगर, फतेहपुर सीकरी, अछनेरा और बाह समेत विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे विद्यालय पाए गए, जहां बिना विभागीय मान्यता के कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। विभाग की ओर से पहले इन विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। साथ ही मान्यता से संबंधित आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

निर्धारित समय सीमा के भीतर कई विद्यालय संचालकों ने स्पष्टीकरण नहीं दिया, जबकि कुछ संचालकों की ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने विकासखंडों में जांच के दौरान मिले अमान्य विद्यालयों की सूची कार्रवाई की संस्तुति के साथ बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने संबंधित 58 विद्यालयों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश के बावजूद यदि विद्यालयों का संचालन जारी रहता है तो अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। इसके तहत हर दिन 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

साथ ही विद्यालय बंद नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बिना विभागीय मान्यता के अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं संचालित करने वाले 73 मदरसों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की ओर से इन संस्थानों से भी आवश्यक स्पष्टीकरण और मान्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बिना मान्यता संचालित हो रहे संस्थानों पर रोक लगाना और बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मान्यता के बिना विद्यालय संचालित करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।