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उत्तर प्रदेश: स्कूल वाहनों में परिचर जरूरी, बालिकाओं के लिए महिला परिचर अनिवार्य

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 25/09/2026 11:58:16 am Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 25/09/2026 11:58:16 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारियां और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 के तहत गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वि

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारियां और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 के तहत गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की विशेष बैठक आयोजित हुई। अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले के 43 विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया। बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा, दस्तावेजों की जांच, चालकों के सत्यापन और विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। हर स्कूल वाहन में परिचर की व्यवस्था अनिवार्य  वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) माला बाजपेई ने स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए प्रत्येक स्कूल वाहन में एक परिचर (अटेंडेंट) की व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं बालिकाओं के विद्यालयों में संचालित वाहनों में महिला परिचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि स्कूल में संचालित वाहनों के सभी आवश्यक प्रपत्र पूरे होने के बाद ही उनका उपयोग बच्चों को लाने-ले जाने के लिए किया जाए।
निजी वाहनों से आने वाले बच्चों के लाइसेंस की जांच  एआरटीओ ने कहा कि निजी वाहनों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों के ड्राइविंग लाइसेंस की विद्यालय प्रबंधन द्वारा जांच की जाए। वहीं अनधिकृत तरीके से बच्चों को लाने-ले जाने वाले टेंपो, ऑटो, मैजिक और ई-रिक्शा के इस्तेमाल पर विद्यालय स्तर से रोक लगाई जाए। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। निर्देश दिया गया कि प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक पीरियड में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाए। हर साल चार बार होगी विद्यालय परिवहन समिति की बैठक 

अपर जिलाधिकारी ने विद्यालयों को अपनी विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन करने और नियमित बैठक कराने के निर्देश दिए। समिति की बैठक प्रत्येक वर्ष जुलाई, अक्टूबर, जनवरी और अप्रैल में कराने को कहा गया। समिति विद्यालय से संबद्ध वाहनों के पंजीकरण प्रमाण-पत्र, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच करेगी। इसके अलावा फीस निर्धारण, बस स्टॉप का चिन्हीकरण, चालकों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण और पुलिस सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार, वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) माला बाजपेई, क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन कुलदीप यादव, नोडल हायर एजुकेशन डॉ. अतुल कुमार पांडेय, अपर जिला विद्यालय निरीक्षक उदयभान वर्मा, यात्रीकर अधिकारी शिव कुमार मिश्रा समेत जिले के विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे।


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