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उत्तर प्रदेश: डीआईजी संजीव त्यागी ने तीन जिलों के एसपी के साथ की अपराध समीक्षा बैठक, लंबित विवेचनाओं और वांछित अपराधियों पर कार्रवाई के निर्देश

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 30/10/2026 04:25:44 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 30/10/2026 04:25:44 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बस्ती परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए डीआईजी संजीव त्यागी ने तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की। परिक्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में हुई बै

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बस्ती परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए डीआईजी संजीव त्यागी ने तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की। परिक्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में हुई बैठक में लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, वांछित और पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी, चोरी व वाहन चोरी पर अंकुश लगाने तथा महिला और गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और पुलिस के विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। बैठक में बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिलों में अपराध नियंत्रण की स्थिति और पुलिस कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीआईजी ने कहा कि लंबित और आंशिक विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए। गैंगस्टर, वांछित, पुरस्कार घोषित, जिला बदर और गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) से संबंधित अभियुक्तों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 महिला और गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर जोर  डीआईजी ने संगीन अपराधों के साथ महिला अपराध, एससी-एसटी और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई करने को कहा। अपहृताओं और गुमशुदा व्यक्तियों की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने तथा आईटीएसएसओ पोर्टल पर 45 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों और विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए। मिशन शक्ति केंद्र अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया गया। साइबर अपराध पर कार्रवाई और डिजिटल निगरानी के निर्देश  साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए जनपद स्तर पर साइबर एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई करने को कहा गया। साइबर अपराध में इस्तेमाल मोबाइल और आईएमईआई नंबरों को अधिकाधिक ब्लॉक कराने तथा धोखाधड़ी की रकम पर अधिक से अधिक लियन लगाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा यक्ष ऐप पर बीट संबंधी आधिकारिक सूचनाएं दर्ज कराने, शेष सूचनाओं पर संबंधित अधिकारियों की टिप्पणी अंकित कराने और सीसीटीएनएस, एनसीआरबी, 


आईसीजेएस, एनएएफआईएस, सीईआईआर तथा नैटग्रिड जैसे पोर्टलों का नियमित उपयोग और डाटा फीडिंग सुनिश्चित कराने को कहा गया। डीआईजी ने ई-साक्ष्य पोर्टल पर सभी एफआईआर और संबंधित एसआईडी को लिंक कराने, आई-रेड ऐप पर सड़क दुर्घटनाओं की फीडिंग तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, आईजीआरएस, पीजीआर पोर्टल और अन्य शिकायत पोर्टलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को प्राथमिकता  जनता की शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए डीआईजी ने मुख्यमंत्री जनता दर्शन, रेंज कार्यालय और अन्य उच्चस्तरीय शिकायत पोर्टलों पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने को कहा। भूमि विवाद से जुड़े मामलों को थाना समाधान दिवस पर राजस्व विभाग के सहयोग से निस्तारित कराने के निर्देश दिए गए। गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति जब्तीकरण और अवैध कारोबार पर कार्रवाई 

गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के साथ विस्फोटक पदार्थों और पटाखों के अवैध भंडारण एवं बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
 विभागीय मामलों के निस्तारण और यातायात सुधार पर भी जोर डीआईजी ने विभागीय पत्रावलियों, प्रारंभिक जांच, मृतक आश्रित सेवायोजन, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। गोपनीय शाखा के लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए। मानव संपदा पोर्टल पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सर्विस बुक अद्यतन कराने, आई-गॉट पोर्टल पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे कराने तथा डायल-112 के रिस्पांस टाइम में और सुधार करने को कहा गया।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जेडएफडी योजना के तहत प्रभावी कदम उठाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। तीनों जिलों के एसपी रहे मौजूद गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक बस्ती ओमवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना तथा परिक्षेत्रीय कार्यालय के सभी शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

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