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उत्तर प्रदेश: बाढ़ व कटान रोकथाम कार्यों का डीएम ने किया निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 08/05/2026 11:08:44 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
  • Date:
  • 08/05/2026 11:08:44 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए संभावित बाढ़ एवं नदी कटान से बचाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए संभावित बाढ़ एवं नदी कटान से बचाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील मुहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम शेरपुर एवं मुबारकपुर में चल रहे कटानरोधी कार्यों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने नदी किनारे कराए जा रहे बोल्डर पैचिंग एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता को स्वयं परखा और मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी ग्रामीणों की जान-माल के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदार को मजदूरों की संख्या बढ़ाने, पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध कराने तथा दिन-रात कार्य कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कटानरोधी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निरीक्षण या जांच में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि कार्य स्थल पर नियमित निगरानी रखी जाए और प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराई जाए।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद, अधिशासी अभियंता देवकली पम्प नहर तथा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संभावित बाढ़ से पूर्व सभी संवेदनशील गांवों की सूची तैयार कर आवश्यक बचाव एवं राहत व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। प्रशासन का कहना है कि जिले में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि मानसून के दौरान ग्रामीणों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और नदी कटान से कृषि भूमि एवं आबादी क्षेत्र सुरक्षित रह सकें।