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उत्तर प्रदेश: फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों को 50% छूट पर मिलेगा गेहूं का बीज

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उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 25/09/2026 03:17:15 pm Share:
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  • Edited By.: Shikha Pandey,
  • Date:
  • 25/09/2026 03:17:15 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली किसानों के लिए राहत की खबर है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली किसानों के लिए राहत की खबर है। सरकारी केंद्रों से उन्नत गेहूं का बीज आधी कीमत पर लेने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना का लाभ सिर्फ फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों को ही मिलेगा। बीज वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद शासन ने ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की व्यवस्था खत्म कर दी है। कृषि विभाग किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए गेहूं के बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान देगा। बाजार में उन्नत बीज की कीमत करीब 4,400 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सरकारी केंद्रों पर किसानों को यह लगभग आधी कीमत में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। आवेदन के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत एक किसान बार-बार अनुदानित बीज नहीं ले सकेगा। विभाग का कहना है कि पहले कुछ किसानों द्वारा बार-बार बीज लेने और जरूरतमंद किसानों के योजना से वंचित रहने की शिकायतें मिलती थीं। ऑनलाइन आवेदन से किसानों का पूरा विवरण रिकॉर्ड में रहेगा और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। शासन ने बरेली मंडल के चार जिलों के लिए कुल 85,977 क्विंटल गेहूं बीज आवंटित किया है। इसमें बरेली को 15,602 क्विंटल, बदायूं को 17,655 क्विंटल, शाहजहांपुर को 25,432 क्विंटल और पीलीभीत को 27,288 क्विंटल बीज मिला है।

सरकारी केंद्रों पर डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-372, डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-303, डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-2, एचडी-3226 और एचडी-3386 प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वर्ष अनुदान पर गेहूं का बीज लेने वाले किसान को अगले वर्ष दोबारा इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग के अनुसार, उन्नत बीज अगले वर्ष भी उपयोगी रहता है, इसलिए किसान को एक साल के अंतराल के बाद ही दोबारा अनुदानित बीज दिया जाएगा। संयुक्त कृषि निदेशक दुर्विजय सिंह ने बताया कि बीज वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य की गई है। मंडल के सभी उप कृषि निदेशकों और जिला कृषि अधिकारियों को नई व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।


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